उत्तर प्रदेश

105 साल के बुजुर्ग की मौत बनी चर्चा, अफवाहों पर लगा विराम

Saba Naaz
10 July 2026 3:36 PM IST
105 साल के बुजुर्ग की मौत बनी चर्चा, अफवाहों पर लगा विराम
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अमेठी। जिले के पूरे भगवानदीन पांडे का पुरवा मजरे वर्रा गांव में 105 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद पारिवारिक विवाद सामने आया। संपत्ति के वसीयतनामे को लेकर परिवार में चल रहे मतभेद के बीच एक बेटे ने पिता की हत्या की सूचना पुलिस को दे दी, जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। हालांकि, पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या की बात गलत पाई गई और बुजुर्ग की मौत स्वाभाविक बताई गई।

जानकारी के अनुसार, गांव निवासी 105 वर्षीय दुखी की रविवार सुबह करीब पांच बजे मौत हो गई थी। परिवार के लोगों के मुताबिक, बुजुर्ग काफी उम्रदराज थे और लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। उनकी मौत के बाद परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे थे, तभी वसीयतनामे को लेकर परिवार में विवाद शुरू हो गया।

बताया जा रहा है कि बुजुर्ग दुखी ने अपनी संपत्ति को लेकर करीब एक सप्ताह पहले वसीयतनामा कराया था। इसमें उन्होंने अपनी संपत्ति पुत्र जियालाल, छोटे पुत्र रामबचन और रामू की पुत्री के नाम की थी। वसीयतनामे को लेकर परिवार के कुछ सदस्यों में नाराजगी थी। इसी विवाद के बीच एक बेटे ने पुलिस को सूचना दे दी कि उसके पिता की हत्या कर दी गई है।

हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। जांच के दौरान ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया, जिससे हत्या की पुष्टि हो सके।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बुजुर्ग के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले। प्रारंभिक जांच में उनकी मौत प्राकृतिक कारणों से होना सामने आया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि हत्या की सूचना केवल पारिवारिक विवाद के कारण दी गई थी, जबकि वास्तविकता में मामला स्वाभाविक मृत्यु का है।

घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। बुजुर्ग की उम्र और वसीयतनामे की बात सामने आने के बाद लोगों में आशंका पैदा हो गई थी कि संपत्ति विवाद के कारण कोई अनहोनी हुई है। लेकिन पुलिस की जांच के बाद स्थिति साफ हो गई और हत्या की अफवाहों पर विराम लग गया।

ग्रामीणों के अनुसार, दुखी काफी बुजुर्ग थे और अपने जीवन के अंतिम वर्षों में परिवार के साथ रह रहे थे। उनकी संपत्ति के बंटवारे को लेकर परिवार में मतभेद जरूर थे, लेकिन उनकी मौत को लेकर लगाए गए हत्या के आरोप जांच में सही नहीं पाए गए।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी तरह की सूचना या अफवाह न फैलाएं। अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील मामलों में गलत जानकारी से माहौल खराब हो सकता है। किसी भी घटना की सही जानकारी के लिए पुलिस जांच पर भरोसा करना चाहिए।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर ली है और बुजुर्ग की मौत को प्राकृतिक बताया है। वसीयतनामे को लेकर परिवार में चल रहा विवाद ही इस पूरे मामले की वजह बना, जिसके कारण कुछ समय के लिए गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी।

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