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NOC के अभाव में रुका बलिया-बक्सर को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के उद्देश्य से बनाई जा रही एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना का काम फिलहाल रुक गया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बलिया जिले के बयासी गांव स्थित जनेश्वर मिश्र पुल से बक्सर-कोईलवर तटबंध तक बनाई जा रही नई सड़क का निर्माण बिहार जल संसाधन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं मिलने के कारण रोक दिया गया है।
निर्माण एजेंसी और अधिकारियों के अनुसार, सड़क का अधिकांश काम उत्तर प्रदेश की सीमा में पूरा हो चुका है, लेकिन अंतिम हिस्से में बिहार सरकार की जमीन आने के कारण अब अनुमति का इंतजार किया जा रहा है।
बिहार सरकार की जमीन पर अटका अंतिम हिस्सा
जानकारी के अनुसार, यह सड़क बलिया जिले के बयासी गांव स्थित जनेश्वर मिश्र पुल से शुरू होकर परानपुर होते हुए बिहार सीमा की ओर जाती है। इसका अंतिम छोर बिहार के चक्की गांव के सामने स्थित बक्सर-कोईलवर तटबंध से जुड़ना है।
सड़क और तटबंध के बीच करीब 25 से 30 मीटर का क्षेत्र बिहार सरकार की जमीन में आता है। इसी हिस्से पर निर्माण कार्य पूरा करने के लिए बिहार जल संसाधन विभाग से एनओसी की आवश्यकता है।
एनओसी नहीं मिलने के कारण बिहार प्रशासन की ओर से इस हिस्से में काम आगे बढ़ाने पर रोक लगा दी गई है।
एक महीने पहले भेजा गया था आवेदन
निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि टुन्नू जी पाठक ने बताया कि बलिया के पथ निर्माण विभाग की ओर से करीब एक महीने पहले ही बक्सर के संबंधित अधिकारियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन भेजा गया था।
हालांकि, अभी तक इस आवेदन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अनुमति मिलने के बाद ही सड़क के शेष हिस्से का निर्माण पूरा किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्र में करीब नौ मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इस परियोजना के तहत बड़े-बड़े पुलों का निर्माण भी किया गया है।
गांवों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
इस सड़क परियोजना को क्षेत्र के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, गंगा नदी की धारा के दक्षिणी हिस्से में बसे बलिया जिले के कई गांवों का भौगोलिक संपर्क बिहार से ज्यादा आसान है।
इन गांवों के लोगों को अपने दैनिक कार्यों, व्यापार और अन्य जरूरतों के लिए बिहार के क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन अपने ही जिले या राज्य के प्रशासनिक केंद्रों तक पहुंचने के लिए उन्हें कई बार गंगा पार करनी पड़ती है।
नई सड़क बनने से इन गांवों को सीधा संपर्क मार्ग मिलेगा और लोगों की यात्रा आसान हो जाएगी।
लोगों को जल्द निर्माण पूरा होने की उम्मीद
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा काफी बेहतर हो जाएगी। अभी कई गांवों के लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।
व्यापारियों, विद्यार्थियों और मरीजों को भी इस सड़क से काफी लाभ मिलने की उम्मीद है। लोगों ने दोनों राज्यों के अधिकारियों से जल्द से जल्द एनओसी की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
प्रशासनिक स्तर पर प्रयास जारी
सड़क निर्माण को लेकर दोनों राज्यों के विभागों के बीच समन्वय की जरूरत है। उत्तर प्रदेश की ओर से जहां निर्माण एजेंसी ने काम लगभग पूरा कर लिया है, वहीं बिहार की अनुमति नहीं मिलने से परियोजना अधर में लटक गई है।
अधिकारियों का कहना है कि एनओसी मिलने के बाद शेष कार्य को तेजी से पूरा किया जाएगा।
सीमा क्षेत्र के विकास को मिलेगा बढ़ावा
यह सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं होगी, बल्कि बलिया और बक्सर क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभा सकती है।
सड़क बनने के बाद दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। साथ ही लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े अवसरों तक पहुंचने में आसानी होगी।
अब NOC पर टिकी परियोजना की रफ्तार
फिलहाल इस सड़क परियोजना की रफ्तार बिहार सरकार की एनओसी पर निर्भर है। उत्तर प्रदेश की सीमा में लगभग पूरा हो चुका निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है, लेकिन बिहार क्षेत्र में आने वाले छोटे हिस्से के कारण पूरी परियोजना को इंतजार करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की नजर अब बक्सर से मिलने वाली अनुमति पर है। उम्मीद है कि जल्द ही दोनों राज्यों के विभागों के बीच सहमति बनाकर निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।





