उत्तर प्रदेश

Lucknow: यूपी डाटा सेंटर नीति-2026 मंजूर, रोजगार और तकनीकी विकास को मिलेगा बल

Admindelhi1
7 July 2026 1:42 PM IST
Lucknow: यूपी डाटा सेंटर नीति-2026 मंजूर, रोजगार और तकनीकी विकास को मिलेगा बल
x
यूपी में डाटा सेंटर हब बनाने की तैयारी, नीति-2026 को मिली स्वीकृति

लखनऊ: प्रदेश सरकार ने राज्य को देश का अग्रणी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी डाटा सेंटर हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्वीकृत इस नीति का उद्देश्य ग्रीन और एआई-रेडी डाटा सेंटरों को बढ़ावा देना, डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करना, बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। सरकार ने इस नीति के तहत दो गीगावाट से अधिक अतिरिक्त डाटा सेंटर क्षमता विकसित करने और दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि देश में डिजिटल सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, यूपीआई, डिजिलॉकर, क्लाउड कंप्यूटिंग और डाटा सुरक्षा की बढ़ती मांग को देखते हुए आधुनिक डाटा अवसंरचना की आवश्यकता तेजी से बढ़ी है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2021 की डाटा सेंटर नीति की समीक्षा कर नई नीति तैयार की गई है। सरकार का मानना है कि नई नीति से उत्तर प्रदेश डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा और देश-विदेश की तकनीकी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करेगा।

नई नीति के तहत 40 मेगावाट या उससे अधिक क्षमता वाले डाटा सेंटर पार्क, 2 से 40 मेगावाट क्षमता वाली डाटा सेंटर यूनिट और एज डाटा सेंटर स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने, पूंजी अनुदान, ब्याज अनुदान, स्टांप शुल्क में छूट, बिजली शुल्क में रियायत तथा अन्य वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर राज्य में अत्याधुनिक डाटा सेंटर नेटवर्क का तेजी से विस्तार करना है, जिससे डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अवसंरचना को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत न्यूनतम 700 जीपीयू (एनवीडिया एच100 या समकक्ष) स्थापित करने वाले डाटा सेंटर पार्कों को पूंजी अनुदान की सीमा में 10 करोड़ रुपये और वार्षिक परिचालन सहायता के रूप में दो करोड़ रुपये तक अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। वहीं, कम से कम 350 जीपीयू स्थापित करने वाली डाटा सेंटर यूनिट को पांच करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त पूंजी अनुदान तथा 50 लाख रुपये तक की वार्षिक परिचालन सहायता मिलेगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य में एआई आधारित कंप्यूटिंग क्षमता का तेजी से विकास होगा, उच्च तकनीकी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

Next Story