उत्तर प्रदेश

Court के आदेश से खुला मामला, पुलिसकर्मियों पर दर्ज हुआ केस

Ratna Netam
8 July 2026 4:28 PM IST
Court  के आदेश से खुला मामला, पुलिसकर्मियों पर दर्ज हुआ केस
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उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के थाना एट क्षेत्र से जुड़े एक संवेदनशील मामले में न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के आदेश पर थाना एट में तत्कालीन थाना प्रभारी पंकज पांडेय, तत्कालीन उपनिरीक्षक अभिषेक, एक नेता कार्तिक, दो अज्ञात पुलिसकर्मियों और तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

थाना एट प्रभारी शिव शंकर सिंह ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामला कई महीनों से लंबित था, जिसके बाद शिकायतकर्ता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

महिला ने लगाए गंभीर आरोप

शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि 26 फरवरी 2026 की शाम बाजार में उसके साथ कथित रूप से छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार और जबरन कार में बैठाने का प्रयास किया गया। महिला के अनुसार, जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उसे डराने की कोशिश की और कार से कुचलकर जान से मारने का प्रयास किया।

महिला ने बताया कि उसके शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गए। इसके बाद वह शिकायत लेकर थाना एट पहुंची।

थाना परिसर में पुलिसकर्मियों पर लगाए आरोप

महिला का आरोप है कि जब वह थाना एट पहुंची तो उसने मुख्य आरोपी को तत्कालीन थाना प्रभारी के सरकारी आवास में बैठे देखा। महिला के मुताबिक, उसने इस घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी, उपनिरीक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों ने उसके साथ कथित रूप से मारपीट की।

शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया और वीडियो रिकॉर्डिंग रोकने का प्रयास किया गया। इसके अलावा पुलिसकर्मियों पर आरोपी को संरक्षण देने और मामले में समझौता करने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है।

कई अधिकारियों को भेजी शिकायत

महिला का कहना है कि उसने मामले की शिकायत स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने के बाद कई उच्च अधिकारियों को भेजी। शिकायत के अनुसार, उसने पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिदेशक, राज्य महिला आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग सहित मुख्यमंत्री, राज्यपाल, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कार्यालय तक अपनी शिकायत भेजी।

महिला ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद उसे अपेक्षित न्याय नहीं मिला, जिसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली।

सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग

शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया था। महिला का कहना है कि घटना से जुड़े साक्ष्य सामने लाने के लिए सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

न्यायालय के आदेश के बाद शुरू हुई जांच

न्यायालय के आदेश के बाद अब थाना एट पुलिस ने आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच नियमानुसार की जाएगी और उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

फिलहाल एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया है। पुलिस विभाग की कार्रवाई और जांच की निष्पक्षता पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

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