उत्तर प्रदेश

Nehru इंटर कॉलेज में NDRF की पाठशाला, सिखाए जीवन बचाने के गुर

Ratna Netam
8 July 2026 4:22 PM IST
Nehru  इंटर कॉलेज में NDRF की पाठशाला, सिखाए जीवन बचाने के गुर
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सहारनपुर: मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की ओर से जनजागरूकता एवं सामुदायिक क्षमता निर्माण अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 8वीं वाहिनी, NDRF की 8 (N) टीम ने सहारनपुर जिले में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।

पूर्व मानसून तैनाती (Pre-Monsoon Deployment) के अंतर्गत NDRF टीम लगातार विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को आपदा प्रबंधन, सुरक्षा उपायों और जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी दे रही है। इसी क्रम में नेहरू इंटर कॉलेज कलसिया, तहसील बेहट में आपदा प्रबंधन और प्राथमिक उपचार (First Aid) को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

छात्रों और प्रतिभागियों को दी गई आपदा से बचाव की जानकारी

कार्यक्रम का नेतृत्व उप निरीक्षक बनवारीलाल ने किया। इस दौरान NDRF टीम ने छात्रों, शिक्षकों और अन्य प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में सही समय पर सही कदम उठाने के तरीके बताए।

NDRF अधिकारियों ने बताया कि किसी भी आपदा के दौरान घबराने के बजाय सूझबूझ और प्रशिक्षण के आधार पर कार्य करना जरूरी होता है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य लोगों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना था, ताकि वे स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर दूसरों की सहायता भी कर सकें।

प्राथमिक उपचार की तकनीकों का दिया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी दी गई। इसमें रक्तस्राव रोकने के उपाय (Bleeding Control), घायल व्यक्ति को सुरक्षित रखने के लिए स्प्लिंटिंग (Splinting), हृदय गति रुकने की स्थिति में सीपीआर (CPR) देने की प्रक्रिया और श्वासनली में रुकावट (FBAO) से निपटने के तरीके शामिल रहे।

इसके अलावा आपातकालीन और गैर-आपातकालीन निकासी की विधियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। टीम ने बताया कि आपदा के समय लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए सही तकनीक और सावधानी बेहद जरूरी होती है।

बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के उपाय

मानसून के दौरान बाढ़ की संभावना को देखते हुए NDRF टीम ने बाढ़ जैसी परिस्थितियों में उपलब्ध संसाधनों से अस्थायी उपकरण (Flood Improvised Devices) तैयार करने की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम में सर्पदंश, आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान, डूबने की घटनाओं और अन्य प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के बारे में भी बताया गया।

टीम ने किया तकनीकों का प्रदर्शन

प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए NDRF टीम ने सभी जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शन के माध्यम से प्रतिभागियों को आपात स्थिति में घायल व्यक्ति की सहायता करने, प्राथमिक उपचार देने और सुरक्षित तरीके से बचाव कार्य करने की जानकारी दी गई।

प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण कौशल सीखे और आपदा के समय बेहतर प्रतिक्रिया देने के तरीकों को समझा।

आपदा से निपटने के लिए जागरूकता जरूरी

NDRF अधिकारियों ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल राहत और बचाव दल की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम लोगों को भी इसके लिए जागरूक और प्रशिक्षित होना चाहिए। जागरूक नागरिक किसी भी आपदा के दौरान नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

NDRF का यह अभियान मानसून के दौरान संभावित जोखिमों को देखते हुए लोगों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। टीम द्वारा आगे भी विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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