उत्तर प्रदेश

दान के पैसों से ऐश, आरोपी ने iPhone और शादी पर खर्च किए लाखों

Kavita2
7 July 2026 3:53 PM IST
दान के पैसों से ऐश, आरोपी ने iPhone और शादी पर खर्च किए लाखों
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अयोध्या : अयोध्या स्थित राम मंदिर के दान से जुड़ी कथित चोरी के मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आरोपी बनाए गए एक काउंटिंग स्टाफ सदस्य ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर स्वीकार किया है कि चोरी की रकम का इस्तेमाल उसने अपने परिवार, दोस्तों और गर्लफ्रेंड के लिए महंगे सामान खरीदने और निजी खर्चों में किया।

सूत्रों ने बताया कि आरोपी अविनाश शुक्ला, जो दान राशि की गिनती करने वाले आठ कर्मचारियों में शामिल था, ने पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां दी हैं। आरोप है कि उसने राम मंदिर के डोनेशन बॉक्स से चोरी की गई रकम में से लाखों रुपये अपने निजी इस्तेमाल में खर्च किए।

हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और सामने आई जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों की ओर से नहीं की गई है।

चोरी की रकम से किए निजी खर्च

सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अविनाश शुक्ला ने चोरी की रकम से अपने परिवार और करीबी लोगों पर करीब 19 लाख रुपये खर्च करने की बात स्वीकार की है।

आरोप है कि उसने अपने भाई की शादी में भी चोरी के पैसों का इस्तेमाल किया। बताया जा रहा है कि भाई की शादी के खर्च के लिए उसने करीब 6 लाख रुपये खर्च किए। इसके अलावा उसने अपने दूसरे भाई को भी लगभग 5 से 6 लाख रुपये दिए।

जांच में यह भी सामने आने का दावा किया जा रहा है कि आरोपी ने अपनी गर्लफ्रेंड को महंगा iPhone गिफ्ट किया और उसे करीब 2.5 लाख रुपये भी ट्रांसफर किए।

करोड़ों रुपये की चोरी का अनुमान

सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर के दान बॉक्स से चोरी की गई कुल रकम करोड़ों रुपये में होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी की कुल राशि कितनी थी और इसमें कितने लोग शामिल थे।

दान राशि की गिनती और प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस और संबंधित जांच टीमें यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि चोरी की रकम कहां-कहां इस्तेमाल की गई।

आठ काउंटिंग स्टाफ पर आरोप

इस मामले में दान राशि की गिनती करने वाले आठ कर्मचारियों पर आरोप लगाए गए हैं। जांच के दौरान सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

आरोप है कि इन कर्मचारियों ने दान पेटी से आने वाली राशि में गड़बड़ी की और कुछ रकम को कथित तौर पर अपने पास रख लिया। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

पूछताछ में सामने आईं अहम जानकारियां

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान अविनाश शुक्ला ने कथित तौर पर बताया कि चोरी की रकम का इस्तेमाल उसने अपने निजी जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या अन्य आरोपियों ने भी चोरी की रकम से इसी तरह के खर्च किए हैं। एजेंसियां बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और खरीदी गई वस्तुओं की जानकारी जुटा रही हैं।

मंदिर ट्रस्ट की संपत्तियों और दान की सुरक्षा पर जोर

अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर निर्माण और व्यवस्थाओं के लिए आने वाले दान का संचालन करता है। देशभर और विदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु राम मंदिर के लिए दान देते हैं।

दान राशि और सामग्री की सुरक्षा को लेकर ट्रस्ट लगातार पारदर्शिता और रिकॉर्ड रखने की बात कहता रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद दान प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है।

जांच में जुटी एजेंसियां

फिलहाल जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। आरोपी कर्मचारियों के बयान, बैंक खातों की जानकारी और अन्य डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

जांच का मुख्य उद्देश्य चोरी की गई पूरी रकम का पता लगाना, इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान करना और यह पता लगाना है कि रकम का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया।

आगे की कार्रवाई का इंतजार

मामले में जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि चोरी की कुल रकम कितनी थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। फिलहाल आरोपी कर्मचारियों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं।

राम मंदिर दान चोरी का यह मामला श्रद्धालुओं की आस्था और दान व्यवस्था से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। अब सभी की नजर जांच की प्रगति और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है।

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