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गागन नदी पर बनेगा अस्थायी पुल, चट्टा पुल हटने के बाद ग्रामीणों को मिलेगी राहत

मुरादाबाद। गागन नदी पार करने में ग्रामीणों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने समाधान की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। करीब एक दशक से ग्रामीण जिस चट्टा पुल का इस्तेमाल कर रहे थे, उसे हादसों के बाद हटा दिया गया है। अब उसी क्षेत्र के आसपास सेतु निगम की ओर से अस्थायी पुल बनाने की तैयारी की जा रही है।
चट्टा पुल पर हुए हादसों में तीन लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए इसे हटाने का निर्णय लिया था। पुल हटने के बाद गागन नदी के दूसरी ओर जाने वाले ग्रामीणों के सामने आवागमन की बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी।
ग्रामीण लंबे समय से नदी पार करने के लिए चट्टा पुल पर निर्भर थे। यह पुल उनके लिए रोजमर्रा के काम, खेती-किसानी, बच्चों के स्कूल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए संपर्क का प्रमुख साधन था। पुल हटने के बाद लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था।
ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने स्थायी समाधान की दिशा में काम शुरू किया है। शनिवार को सेतु निगम और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की संयुक्त टीम ने गागन नदी पहुंचकर पुल निर्माण की संभावनाओं का निरीक्षण किया।
टीम ने नदी की चौड़ाई, दोनों किनारों से जुड़ने वाले रास्तों और पुल निर्माण के लिए उपयुक्त स्थानों का सर्वे किया। अधिकारियों ने मौके पर जमीन की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक माप भी लिए।
सर्वे के दौरान पुल के संभावित स्थान को चिन्हित किया गया। इसके अलावा मौके पर कच्चा मानचित्र भी तैयार किया गया, ताकि आगे की कार्ययोजना तैयार की जा सके।
प्रशासन की योजना है कि स्थायी पुल निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने तक ग्रामीणों की सुविधा के लिए अस्थायी पुल तैयार किया जाए। इससे लोगों को आवागमन में राहत मिल सकेगी और रोजमर्रा की परेशानियां कम होंगी।
ग्रामीणों का कहना है कि गागन नदी पर पुल की मांग लंबे समय से चली आ रही है। चट्टा पुल के जरिए वे किसी तरह अपनी जरूरतें पूरी कर रहे थे, लेकिन हादसों के बाद इसे हटाए जाने से समस्या और बढ़ गई।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही अस्थायी पुल तैयार हो जाएगा और इसके बाद स्थायी पुल निर्माण की दिशा में भी तेजी आएगी।
अधिकारियों के अनुसार, पुल निर्माण से पहले तकनीकी सर्वे जरूरी होता है, ताकि नदी के बहाव, मिट्टी की स्थिति और रास्तों की कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए बेहतर योजना बनाई जा सके।
गागन नदी क्षेत्र में बारिश के मौसम में पानी का बहाव बढ़ जाता है। ऐसे में पुल निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य ऐसा पुल तैयार करना है, जिससे ग्रामीणों को लंबे समय तक सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
चट्टा पुल हटाए जाने के बाद ग्रामीणों ने कई बार अपनी परेशानी प्रशासन के सामने रखी थी। अब सर्वे शुरू होने से लोगों में स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है।
लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पुल निर्माण की योजना और लागत का आकलन किया जाएगा।
ग्रामीणों के लिए गागन नदी पर पुल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि उनके दैनिक जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधा है। पुल बनने से आसपास के गांवों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंचने में आसानी होगी।
फिलहाल प्रशासन ने अस्थायी व्यवस्था के साथ-साथ स्थायी पुल निर्माण की दिशा में काम शुरू कर दिया है। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि अस्थायी पुल कब तक तैयार होता है और स्थायी पुल का निर्माण कब शुरू होगा।





