उत्तर प्रदेश

मोहम्मद शमी और जयंत चौधरी की मुलाकात से अमरोहा में सियासी चर्चाएं तेज

Kavita2
21 Sept 2026 12:50 PM IST
मोहम्मद शमी और जयंत चौधरी की मुलाकात से अमरोहा में सियासी चर्चाएं तेज
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अमरोहा। भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी की दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद अमरोहा के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक मोहम्मद शमी या उनके भाई मोहम्मद हसीब की ओर से आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कोई स्पष्ट राजनीतिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन चुनाव लड़ने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया गया है।

जानकारी के अनुसार, अमरोहा विधानसभा क्षेत्र के गांव सहसपुर अलीनगर निवासी मोहम्मद शमी ने रविवार को दिल्ली में रालोद प्रमुख जयंत चौधरी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात की तस्वीर खुद जयंत चौधरी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा की, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

मुलाकात को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि दोनों नेताओं की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई विस्तृत राजनीतिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन अमरोहा में इसे आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

इससे पहले भी मोहम्मद शमी के परिवार के राजनीति में आने को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। अमरोहा विधानसभा क्षेत्र से शमी के भाई मोहम्मद हसीब के रालोद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर खबरें सामने आई थीं।

स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि मोहम्मद हसीब को लेकर रालोद की ओर से संभावनाएं तलाशे जाने की बात कही जा रही थी। हालांकि इस संबंध में अभी तक पार्टी या शमी परिवार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं और अमरोहा क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता है। क्रिकेट के मैदान पर उनकी पहचान के अलावा वह अपने गृह क्षेत्र में भी लोगों के बीच चर्चा में रहते हैं।

राजनीतिक दलों में लोकप्रिय चेहरों को चुनावी मैदान में उतारने की परंपरा रही है। ऐसे में किसी चर्चित चेहरे की राजनीतिक नेताओं से मुलाकात के बाद संभावनाओं को लेकर चर्चा शुरू होना आम बात है।

रालोद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपना संगठन मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रहा है। अमरोहा समेत पश्चिम यूपी के कई क्षेत्रों में पार्टी सामाजिक समीकरणों और स्थानीय प्रभाव वाले चेहरों पर नजर रखती है।

मोहम्मद शमी और जयंत चौधरी की मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। सभी दल संगठन विस्तार और संभावित उम्मीदवारों को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हैं।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मोहम्मद शमी या उनके भाई हसीब में से कोई चुनावी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे या नहीं। दोनों की ओर से इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, किसी भी नेता या संभावित उम्मीदवार की मुलाकात को सीधे चुनावी घोषणा के रूप में नहीं देखा जा सकता। अंतिम स्थिति पार्टी और संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।

फिलहाल अमरोहा में शमी और जयंत चौधरी की मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय कार्यकर्ताओं और राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब आगे होने वाले घटनाक्रम पर टिकी है।

आने वाले दिनों में यदि रालोद या शमी परिवार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा होती है, तो अमरोहा की राजनीति में इसका असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल यह मुलाकात केवल राजनीतिक चर्चाओं और संभावनाओं को हवा दे रही है।

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