उत्तर प्रदेश

हरिद्वार से जल लेकर लौट रहा था किशोर अचानक गई जान

Ratna Netam
11 Aug 2026 8:07 PM IST
हरिद्वार से जल लेकर लौट रहा था किशोर अचानक गई जान
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शामली : शिवरात्रि पर डाक कांवड़ यात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने साथियों के साथ पानीपत लौट रहे 17 वर्षीय डाक कांवड़िया किशोर की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि किशोर लगातार तेज गति से दौड़कर कांवड़ आगे बढ़ा रहा था। शामली के शिवचौक के पास पहुंचने पर उसने गंगाजल साथी को सौंपा और बाइक पर बैठने की कोशिश की। इसी दौरान उसके सीने में तेज दर्द हुआ और वह अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। साथी और आसपास मौजूद लोगों ने उसे तत्काल शामली सीएचसी पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया मौत की वजह हार्ट अटैक या अचानक हार्ट फेल होना बताया है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मृतक किशोर की पहचान पानीपत के सिंभालका गांव निवासी 17 वर्षीय शुक्ला पुत्र राजू के रूप में हुई है। बताया गया कि शुक्ला नौ अगस्त को अपने गांव के अन्य युवकों के साथ डाक कांवड़ लेने के लिए घर से हरिद्वार रवाना हुआ था। हरिद्वार से गंगाजल लेने के बाद कांवड़ियों का दल वापस पानीपत की ओर लौट रहा था। दस अगस्त की रात कांवड़ियों ने मुजफ्फरनगर के आसपास कुछ समय के लिए विश्राम किया था। इसके बाद मंगलवार को शिवरात्रि के अवसर पर सभी ने यात्रा की गति बढ़ा दी थी।
डाक कांवड़ यात्रा में कांवड़ियों के बीच जल लेकर निर्धारित स्थान तक सबसे पहले पहुंचने की होड़ रहती है। शुक्ला भी इसी तरह लगातार दौड़कर यात्रा पूरी कर रहा था। साथियों के मुताबिक यात्रा के दौरान एक युवक गंगाजल लेकर दौड़ता था। जब दौड़ने के कारण वह थक जाता तो गंगाजल बाइक पर बैठे दूसरे साथी को सौंप देता और खुद कुछ दूरी बाइक से तय करता था। इसके बाद फिर बारी आने पर वह दौड़ने लगता था। इसी तरह कांवड़ यात्रा आगे बढ़ रही थी।
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे कांवड़ियों का दल शामली पहुंचा। उस समय शुक्ला ही गंगाजल लेकर दौड़ रहा था। जैसे ही वह शामली के शिवचौक के पास पहुंचा, उसने गंगाजल अपने साथी को सौंप दिया। इसके बाद वह बाइक पर बैठने लगा। इसी दौरान उसने अचानक सीने में तेज दर्द होने की शिकायत की। साथी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा।
किशोर के अचानक गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। उसके साथी तत्काल मदद के लिए आगे आए। आसपास मौजूद लोगों की सहायता से उसे बेहोशी की हालत में शामली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी सीएचसी ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद किशोर को मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत की खबर मिलते ही कांवड़ यात्रा में शामिल उसके साथियों में शोक की लहर दौड़ गई।
शामली सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक कुमार के मुताबिक किशोर को अस्पताल लाए जाने तक उसकी हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा, लेकिन प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि तेज दौड़ने के दौरान हार्ट फेल होने या हार्ट अटैक के कारण उसकी जान गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
किशोर की मौत की सूचना मिलने के बाद उसके परिजन भी शामली पहुंचे। जैसे ही परिवार को घटना की जानकारी मिली, घर में कोहराम मच गया। जिस किशोर के सकुशल वापस लौटने का परिवार इंतजार कर रहा था, उसकी मौत की खबर ने सभी को सदमे में डाल दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह घटना कांवड़ यात्रा के दौरान लगातार तेज गति से चलने और दौड़ने के जोखिम को भी सामने लाती है। डाक कांवड़ में समय और गति को लेकर कांवड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। ऐसे में लंबे समय तक लगातार दौड़ना, पर्याप्त आराम नहीं करना और शरीर पर अधिक दबाव पड़ना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। हालांकि इस मामले में किशोर की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद किशोर के साथ यात्रा कर रहे साथी भी गहरे सदमे में हैं। शिवरात्रि के दिन कांवड़ यात्रा के बीच हुई इस मौत ने परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी झकझोर दिया है।
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