उत्तर प्रदेश

UP में एडेड स्कूल-कॉलेजों की शिक्षक भर्ती अब शिक्षा सेवा चयन आयोग कराएगा

Kavita2
12 July 2026 12:43 PM IST
UP में एडेड स्कूल-कॉलेजों की शिक्षक भर्ती अब शिक्षा सेवा चयन आयोग कराएगा
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों और एडेड महाविद्यालयों में शिक्षकों की नई भर्ती प्रक्रिया अब उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से कराई जाएगी। यह पहली बार होगा जब इन दोनों संस्थानों में शिक्षक भर्ती की जिम्मेदारी एक ही आयोग संभालेगा।

इससे पहले एडेड माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और एडेड महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग द्वारा कराई जाती थी। दोनों संस्थानों के अलग-अलग भर्ती नियम और प्रक्रियाएं थीं।

पहले दो अलग-अलग आयोग कराते थे भर्ती

अब तक माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत आने वाले एडेड इंटर कॉलेजों और हाईस्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड परीक्षा आयोजित करता था।

वहीं, सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के पास थी।

दोनों भर्ती संस्थान लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और अन्य प्रक्रियाओं के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन करते थे। इसके बाद अंतिम चयन परिणाम जारी किया जाता था।

नई व्यवस्था से एकरूपता आने की उम्मीद

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन के बाद शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को एकीकृत करने की दिशा में कदम उठाया गया है। अब एडेड माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में होने वाली नई भर्तियां इसी आयोग के माध्यम से पूरी होंगी।

सरकार का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना, समय पर चयन प्रक्रिया पूरी करना और अलग-अलग संस्थानों के बीच होने वाले अंतर को कम करना है।

अवशेष पैनल यानी प्रतीक्षा सूची की व्यवस्था

पुरानी भर्ती व्यवस्था में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग दोनों अंतिम चयन परिणाम के साथ अवशेष पैनल जारी करते थे।

यह अवशेष पैनल मूल चयन सूची के अलावा अतिरिक्त अभ्यर्थियों की सूची होती थी, जिनका उपयोग बाद में खाली होने वाले पदों को भरने के लिए किया जाता था।

जानकारी के अनुसार, दोनों संस्थान भर्ती के दौरान पदों की संख्या के आधार पर लगभग 10 से 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त अभ्यर्थियों का पैनल जारी करते थे।

प्रतीक्षा सूची से मिलती थी नियुक्ति का मौका

अवशेष पैनल का फायदा उन अभ्यर्थियों को मिलता था, जो मुख्य चयन सूची में स्थान नहीं बना पाते थे, लेकिन मेरिट में आगे रहते थे।

यदि चयनित अभ्यर्थियों में से कोई पद ग्रहण नहीं करता था या किसी कारण से पद खाली हो जाता था, तो प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को मौका दिया जाता था।

नई भर्ती व्यवस्था में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग इस प्रक्रिया को किस तरह लागू करता है।

नई भर्ती नीति पर नजर

शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों की नजर अब शिक्षा सेवा चयन आयोग की नई व्यवस्था पर है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि एक ही आयोग के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया सरल और तेज हो सकेगी।

हालांकि, प्रतीक्षा सूची और अवशेष पैनल को लेकर आयोग की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने का इंतजार है।

भर्ती प्रक्रिया में बदलाव से जुड़े कई सवाल

नई व्यवस्था लागू होने के बाद अभ्यर्थियों के बीच कई सवाल भी उठ रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख सवाल यह है कि क्या पहले की तरह ही अवशेष पैनल जारी किया जाएगा या नई व्यवस्था में इसमें बदलाव किया जाएगा।

इसके अलावा चयन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न, मेरिट तैयार करने के तरीके और भर्ती कैलेंडर को लेकर भी अभ्यर्थी आयोग की गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं।

सरकार का लक्ष्य पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया

राज्य सरकार लगातार भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की बात कहती रही है। नए आयोग के गठन को भी इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

एक ही संस्था के माध्यम से भर्ती कराने से प्रशासनिक प्रक्रिया आसान होने और उम्मीदवारों को अलग-अलग आयोगों की परीक्षाओं से राहत मिलने की उम्मीद है।

आगे आयोग जारी करेगा दिशा-निर्देश

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अब एडेड माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों की शिक्षक भर्तियों के लिए नियम और प्रक्रिया तय करेगा।

भर्ती से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया, चयन मानक और प्रतीक्षा सूची शामिल हैं, पर आयोग के दिशा-निर्देश आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

नई व्यवस्था से प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और अब सभी की नजर आयोग की आगामी घोषणाओं पर है।

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