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अलग-अलग जन्मतिथि से तीन पासपोर्ट बनवाने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया केस

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: पासपोर्ट से जुड़े फर्जीवाड़े का एक मामला सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, एक व्यक्ति पर अलग-अलग जन्मतिथि और व्यक्तिगत जानकारियों का इस्तेमाल कर तीन पासपोर्ट बनवाने का आरोप लगाया गया है। मामले का खुलासा पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) के लिए किए गए आवेदन की जांच के दौरान हुआ।
पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों और पासपोर्ट रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
PCC आवेदन की जांच में सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, यह कथित गड़बड़ी जमुनिया जगत गांव निवासी सिमर प्रीत के पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) आवेदन की पुलिस वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, पासपोर्ट के लिए PCC की प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की जाती है। इसी जांच में अधिकारियों को पता चला कि आवेदक ने पहले भी अलग-अलग व्यक्तिगत जानकारियों और जन्मतिथि का इस्तेमाल कर दो अन्य पासपोर्ट बनवाए थे।
इसके बाद मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई और जांच आगे बढ़ाई गई।
रीजनल पासपोर्ट ऑफिस ने दी जानकारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरेली स्थित रीजनल पासपोर्ट ऑफिस की ओर से पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक को इस संबंध में जानकारी दी गई।
पासपोर्ट कार्यालय ने बताया कि PCC आवेदन की जांच के दौरान रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। जांच में सामने आया कि आवेदनकर्ता के नाम और अन्य व्यक्तिगत विवरण से जुड़े रिकॉर्ड में भिन्नता थी।
अधिकारियों ने बताया कि पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में आवेदक की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। ऐसे मामलों में गलत जानकारी देना गंभीर मामला माना जाता है।
अलग-अलग जन्मतिथि और जानकारी का इस्तेमाल करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर तीन अलग-अलग पासपोर्ट हासिल करने के लिए अलग-अलग जन्मतिथि और व्यक्तिगत विवरणों का इस्तेमाल किया।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन पासपोर्ट को बनवाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लगाए गए थे और सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यह गड़बड़ी कैसे सामने नहीं आई।
दस्तावेजों की जांच जारी
पुलिस अब आरोपी से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसमें पुराने पासपोर्ट रिकॉर्ड, पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज शामिल हैं।
इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने अलग-अलग जानकारियों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया था और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका है।
पासपोर्ट नियमों का उल्लंघन माना जाता है
पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन करते समय सही और प्रमाणित जानकारी देना अनिवार्य होता है। गलत जानकारी देना या पहचान छिपाकर दस्तावेज हासिल करना कानून का उल्लंघन माना जाता है।
ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है और जांच के आधार पर पासपोर्ट को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी ने किस तरह से दस्तावेज तैयार करवाए और पासपोर्ट हासिल किए।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इन पासपोर्ट का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया।
सुरक्षा एजेंसियों की नजर
पासपोर्ट से जुड़े मामलों को सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। किसी व्यक्ति द्वारा गलत पहचान या गलत दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल करना सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है।
इसी वजह से पासपोर्ट और वीजा से जुड़े दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया को काफी गंभीरता से लिया जाता है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी जानकारी
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग इस मामले की जांच में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी विवरण के जरिए बनाए गए पासपोर्ट का इस्तेमाल किसी अन्य गतिविधि में तो नहीं किया गया।





