उत्तर प्रदेश

90 सेकंड में SUV गायब, हाईटेक चोर गैंग गिरफ्तार

Rajeshwari Nishad
14 Oct 2026 4:51 PM IST
90 सेकंड में SUV गायब, हाईटेक चोर गैंग गिरफ्तार
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गाजियाबाद। जिले में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सिहानी गेट थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक ऐसे शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है, जो महज डेढ़ मिनट में चार वाहन चोरी करने की वारदात को अंजाम देने में सक्षम था। आरोपी मास्टर चाबी का इस्तेमाल कर वाहनों के लॉक खोलता था और फिर उन्हें लेकर फरार हो जाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की एक क्रेटा कार, तीन बुलेट मोटरसाइकिल, दो मास्टर चाबी और चार फर्जी नंबर प्लेट बरामद की हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई को वाहन चोरी की घटनाओं के खुलासे की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। आरोपी कथित तौर पर बेहद कम समय में वाहन चोरी करने में माहिर था। मास्टर चाबी और फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर वह चोरी के वाहनों को आसानी से दूसरे स्थान पर ले जाने की कोशिश करता था। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके चोरी करने के तरीके, वारदातों की संख्या और संभावित साथियों के संबंध में जानकारी जुटाने में लगी है।
मास्टर चाबी से खोलता था वाहनों के लॉक
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी वाहन चोरी करने के लिए मास्टर चाबी का इस्तेमाल करता था। इस चाबी की मदद से वह वाहनों के लॉक खोलकर उन्हें चोरी कर लेता था। इस तरीके से उसे वाहन चोरी करने में ज्यादा समय नहीं लगता था। आरोपी की कार्यशैली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह डेढ़ मिनट के भीतर चार वाहन चोरी करने की वारदात को अंजाम देने में सक्षम बताया जा रहा है।
वाहन चोरी के मामलों में अपराधी अक्सर ऐसे तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, जिनसे उन्हें कम समय में वारदात को अंजाम देकर मौके से निकलने में मदद मिल सके। आरोपी भी इसी तरह मास्टर चाबी का इस्तेमाल करता था। हालांकि, पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि बरामद सभी वाहन उसने खुद चोरी किए थे या इनमें से कुछ वाहन अन्य वारदातों से जुड़े हैं।
क्रेटा कार और तीन बुलेट मोटरसाइकिल बरामद
सिहानी गेट थाना पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे से कुल चार वाहन बरामद किए हैं। इनमें एक हुंडई क्रेटा कार और तीन बुलेट मोटरसाइकिल शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस को आरोपी के पास से दो मास्टर चाबी और चार फर्जी नंबर प्लेट भी मिली हैं।
बरामदगी में मिली फर्जी नंबर प्लेट पुलिस जांच का अहम हिस्सा है। आशंका है कि इनका इस्तेमाल चोरी के वाहनों की पहचान छिपाने या उन्हें दूसरे स्थानों पर ले जाने के दौरान किया जाता होगा। हालांकि, फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किस-किस वाहन पर किया गया और आरोपी ने इन्हें कहां से हासिल किया, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस अब बरामद वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर और इंजन नंबर के आधार पर उनकी वास्तविक पहचान तथा मालिकों का पता लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि वाहन किन इलाकों से चोरी किए गए थे और उनसे संबंधित शिकायतें किन थानों में दर्ज हैं।
डेढ़ मिनट में चार वाहन चोरी करने का दावा चर्चा में
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा आरोपी की उस कार्यशैली को लेकर है, जिसके तहत वह बेहद कम समय में वाहन चोरी करने में सक्षम बताया जा रहा है। डेढ़ मिनट में चार वाहन चोरी करने की बात उसकी कथित तेजी और वाहन चोरी के तरीके की ओर
इशारा
करती है। हालांकि, इस अवधि में चारों वाहनों की चोरी किस परिस्थिति में हुई, इसका विस्तृत ब्योरा सामने आना अभी बाकी है।
वाहन चोरी की वारदातों में समय अपराधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्हें वाहन का लॉक खोलने, उसे स्टार्ट करने और घटनास्थल से निकलने के लिए कम से कम समय चाहिए होता है। मास्टर चाबी का इस्तेमाल इसी प्रक्रिया को आसान बना सकता है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर सकती है कि उसने किन स्थानों को निशाना बनाया और चोरी के वाहनों को कहां छिपाकर रखा था।
चोरी के नेटवर्क की भी हो सकती है जांच
एक साथ चार वाहन, दो मास्टर चाबी और चार फर्जी नंबर प्लेट बरामद होने के बाद पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती भी है कि आरोपी अकेले वारदात करता था या उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे। वाहन चोरी के मामलों में चोरी किए गए वाहनों को छिपाने, उनके पुर्जे अलग करने या फर्जी पहचान के जरिए आगे बेचने की आशंका रहती है। हालांकि, इस मामले में किसी नेटवर्क की संलिप्तता की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस आरोपी से पूछताछ के दौरान यह जानकारी जुटा सकती है कि उसने अब तक कितने वाहन चोरी किए हैं, चोरी के वाहनों को कहां रखा जाता था और फर्जी नंबर प्लेट की व्यवस्था कैसे की जाती थी। यदि अन्य वारदातों से जुड़े सुराग मिलते हैं, तो उनके आधार पर दूसरे मामलों का भी खुलासा हो सकता है।
वाहन मालिकों को सतर्क रहने की जरूरत
इस घटना के बाद वाहन मालिकों के लिए भी सतर्क रहना जरूरी है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करना, अतिरिक्त सुरक्षा लॉक का इस्तेमाल करना और संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर पुलिस को सूचना देना उपयोगी कदम हो सकते हैं। वाहन में उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करने के साथ-साथ पार्किंग के दौरान सावधानी बरतना भी जरूरी है।
वाहन चोरी होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए और वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर तथा चेसिस नंबर जैसे विवरण उपलब्ध कराने चाहिए। इससे चोरी हुए वाहन की पहचान और बरामदगी में मदद मिल सकती है।
फिलहाल सिहानी गेट थाना पुलिस की कार्रवाई में एक क्रेटा कार, तीन बुलेट मोटरसाइकिल, दो मास्टर चाबी और चार फर्जी नंबर प्लेट की बरामदगी हुई है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस चोरी की अन्य वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा सकती है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
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