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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की 11 छात्राओं की ओर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद रूप कुमारी चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया के. रहाटकर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस सांसद के खिलाफ कार्रवाई और शिकायतकर्ता छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए आयोग को ज्ञापन सौंपा।मुलाकात के बाद रूप कुमारी चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने मामले को देखने और आरोपों पर विचार करने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा छात्राओं की सुरक्षा और न्याय की मांग को लेकर आयोग के पास पहुंचा है।
पांच सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में पांच सांसद और भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर आयोग से हस्तक्षेप करने की मांग की।बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए रूप कुमारी चौधरी ने बताया कि आयोग को पूरे मामले से अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने शिकायतकर्ता छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपों के संबंध में उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया।बैठक के नतीजे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "हमें भरोसा दिलाया गया है कि हालात को देखते हुए वह निश्चित रूप से इस मामले को देखेंगी।"
JNU की 11 छात्राओं ने लगाए हैं गंभीर आरोप
यह मामला जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की 11 छात्राओं की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित है। कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे।छात्राओं की शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने मामले की जांच की थी। जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 9 अक्टूबर को अकोइजम को शिक्षण पद से बर्खास्त कर दिया।हालांकि, अकोइजम ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं और इसे अपने खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित कार्रवाई बताया है।
दिल्ली पुलिस ने भी दर्ज किया मामला
विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच के अलावा इस मामले में दिल्ली पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने 11 अक्टूबर को वसंत कुंज नॉर्थ थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की।एफआईआर विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत और आंतरिक समिति के दस्तावेजों के आधार पर दर्ज की गई थी।पुलिस की जांच जारी है। फिलहाल अदालत की ओर से सांसद के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर दोषसिद्धि का कोई फैसला नहीं हुआ है।
राष्ट्रपति से भी की गई थी कार्रवाई की मांग
इससे पहले मंगलवार, 13 अक्टूबर को भाजपा की महिला सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की थी।प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को लोकसभा से निलंबित करने के मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। साथ ही शिकायत करने वाली छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध भी किया गया था।भाजपा महिला मोर्चा की ओर से इस मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व से भी जवाब मांगा गया है। संगठन ने इससे पहले कांग्रेस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था।
महिला आयोग के रुख पर रहेगी नजर
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष से मुलाकात के बाद अब इस मामले में आयोग की आगामी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। रूप कुमारी चौधरी ने बताया है कि आयोग की अध्यक्ष ने आरोपों को देखने का आश्वासन दिया है।हालांकि, इस आश्वासन को जांच के किसी अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। आरोपों की जांच और कानूनी कार्रवाई संबंधित प्रक्रियाओं के अनुसार ही आगे बढ़ेगी।इस घटनाक्रम के बीच छात्राओं की सुरक्षा, विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत निवारण व्यवस्था और सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्तियों की जवाबदेही जैसे मुद्दे चर्चा में हैं।भाजपा महिला मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि उसकी प्रमुख मांग शिकायतकर्ता छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मामले में उचित कार्रवाई करना है। अब राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।
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