उत्तर प्रदेश

युवती की संदिग्ध मौत एक फोन कॉल ने बढ़ाया रहस्य

Ratna Netam
15 Sept 2026 4:43 PM IST
युवती की संदिग्ध मौत एक फोन कॉल ने बढ़ाया रहस्य
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आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा से एक 16 वर्षीय किशोरी की मौत का मामला सामने आया है। हरीपर्वत थाना क्षेत्र के नगला छिद्दा इलाके में किशोरी घर में फंदे से लटकी मिली। घटना से करीब आधे घंटे पहले उसके भाई को एक युवक का फोन आया था। परिजनों का आरोप है कि फोन करने वाले युवक ने धमकी देते हुए कहा था कि आज उसकी बहन या वह मरेगा। कुछ देर बाद परिवार को किशोरी की मौत की जानकारी मिली। मामले में परिजनों की तहरीर के आधार पर चार युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपों की जांच और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
घटना के बाद परिवार ने किशोरी को लंबे समय से परेशान और ब्लैकमेल किए जाने का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक उन्होंने इससे पहले भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन कथित तौर पर बदनामी के डर से मुकदमा दर्ज नहीं कराया था। परिवार का आरोप है कि इसके बाद युवकों की गतिविधियां और बढ़ गईं।
पुलिस ने किशोरी के शव का पोस्टमार्टम कराया। अधिकारियों का कहना है कि परिवार से मिली शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा का रहने वाला है परिवार
किशोरी का परिवार मूल रूप से मथुरा का रहने वाला बताया गया है। उसके पिता कई साल पहले आगरा के हरीपर्वत इलाके में अपनी ससुराल के पास किराए के मकान में रहने लगे थे।
परिवार मेहनत-मजदूरी करके अपना जीवन चलाता है। पिता और बेटा जूता फैक्ट्री में काम करते हैं, जबकि किशोरी की मां घरों में काम करती हैं।
परिजनों के अनुसार उनकी 16 वर्षीय बेटी की कुछ समय पहले मोहल्ले की एक लड़की के जरिए मृत्युंजय नाम के युवक से दोस्ती हुई थी। परिवार का आरोप है कि बाद में युवक ने किशोरी को ब्लैकमेल और परेशान करना शुरू कर दिया।
ये सभी बातें परिजनों की शिकायत और आरोपों पर आधारित हैं। जांच पूरी होने तक आरोपित युवकों को दोषी नहीं माना जा सकता।
चार युवकों पर लगाए गंभीर आरोप
किशोरी के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में मृत्युंजय के अलावा अनुज, दीपक और प्रियांशु नाम के तीन अन्य युवकों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिवार का दावा है कि चारों कथित तौर पर किशोरी को परेशान करते थे। आरोप है कि वे रास्ते में उसका पीछा करते और उसे अपने साथ चलने के लिए दबाव बनाते थे।
पिता के मुताबिक बेटी इन गतिविधियों से काफी परेशान और डरी हुई थी। परिवार का आरोप है कि युवक उसे परिवार के सदस्यों को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी देते थे।
इन आरोपों की सच्चाई पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।
पहले भी की थी शिकायत
परिवार के मुताबिक युवकों की कथित हरकतों को लेकर पहले भी शिकायत की गई थी। हालांकि उस समय औपचारिक मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया।
परिजनों का कहना है कि उन्हें बदनामी का डर था। उन्हें उम्मीद थी कि शिकायत और समझाइश के बाद मामला खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
परिवार ने आरोप लगाया कि इसके बाद भी किशोरी को परेशान किया जाता रहा। कई बार युवक उसके घर तक पहुंच जाते और दरवाजा पीटते थे।
अब किशोरी की मौत के बाद परिवार ने चारों युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना से आधे घंटे पहले आया फोन
इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू घटना से पहले किशोरी के भाई को आया कथित फोन कॉल है।
परिजनों के मुताबिक रविवार दोपहर मृत्युंजय नाम के युवक ने किशोरी के भाई को फोन किया था। आरोप है कि कॉल के दौरान उसने भाई को धमकी देते हुए कहा कि उस दिन उसकी बहन या वह मरेगा और तैयार रहने को कहा।
इस कथित फोन कॉल के करीब आधे घंटे बाद किशोरी के फंदे से लटके होने की सूचना मिली।
यही वजह है कि परिवार इस कॉल को किशोरी की मौत से जोड़कर देख रहा है। हालांकि फोन पर वास्तव में क्या बातचीत हुई, कॉल रिकॉर्ड और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों से क्या सामने आता है, यह जांच का विषय है।
घर पहुंचा भाई तो सामने आया मामला
रिपोर्ट के मुताबिक भाई को मोहल्ले के लोगों से बहन की मौत की जानकारी मिली। वह घर पहुंचा तो वहां का दृश्य देखकर परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों ने घर के मुख्य दरवाजे को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दरवाजे की कुंडी अंदर और बाहर दोनों तरफ से लगी मिली थी।
इसी परिस्थिति को देखते हुए परिवार ने घटना को लेकर संदेह जाहिर किया है। परिजनों का आरोप है कि संभव है कि आरोपी घर तक आए हों और किशोरी के साथ ऐसी कोई घटना हुई हो, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया।
यह फिलहाल परिवार की आशंका है। पुलिस जांच पूरी होने से पहले इसे स्थापित तथ्य नहीं कहा जा सकता।
पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम
घटना की जानकारी मिलने पर हरीपर्वत थाना पुलिस मौके पर पहुंची। किशोरी के शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया और सोमवार शाम परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के मुताबिक परिवार की तहरीर के आधार पर चार युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच में जो साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों का दावा परिवार को भी मिलती थी धमकी
किशोरी के पिता ने दावा किया कि उनकी बेटी को सिर्फ व्यक्तिगत रूप से परेशान नहीं किया जा रहा था बल्कि उसे परिवार के सदस्यों को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी जाती थी।
परिवार का कहना है कि इसी कारण किशोरी भयभीत रहने लगी थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि युवक जबरन उसे अपने पास बुलाने का दबाव बनाते थे और विरोध करने पर परेशान करते थे।
घटना से ठीक पहले भाई को आए कथित धमकी भरे फोन के कारण इन आरोपों को लेकर जांच और महत्वपूर्ण हो गई है।
पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि किशोरी को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था और घटना वाले दिन क्या हुआ था।
कॉल डिटेल बन सकती है अहम कड़ी
ऐसे मामले में मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। किशोरी और आरोपित युवकों के बीच कोई कॉल, मैसेज या अन्य संपर्क हुआ था या नहीं, यह जांच से स्पष्ट हो सकता है।
इसी तरह भाई को आए कथित धमकी भरे फोन की जानकारी भी महत्वपूर्ण है। परिवार ने जिस युवक पर फोन करने का आरोप लगाया है, उससे जुड़े कॉल रिकॉर्ड जांच में घटनाक्रम की टाइमलाइन स्पष्ट करने में मदद कर सकते हैं।
हालांकि पुलिस ने अभी सार्वजनिक रूप से ऐसी कोई विस्तृत तकनीकी जांच रिपोर्ट जारी नहीं की है। इसलिए कॉल के संबंध में परिवार के आरोप से आगे कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
चारों आरोपियों की तलाश
रिपोर्टों के मुताबिक घटना के बाद चारों नामजद आरोपी और उनके परिजन अपने घरों से नहीं मिले। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
किसी आरोपी का घर पर नहीं मिलना अपने आप में उसके दोषी होने का प्रमाण नहीं है। मामले में दोष या जिम्मेदारी जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही तय होगी।
फिलहाल पुलिस के लिए आरोपियों का पता लगाना और उनसे पूछताछ करना महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा परिवार के बयान, पड़ोसियों से मिली जानकारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल से जुड़े साक्ष्यों की भी भूमिका हो सकती है।
कई सवालों का जवाब बाकी
किशोरी की मौत ने कई सवाल खड़े किए हैं। परिवार का आरोप है कि उसे लंबे समय से ब्लैकमेल और परेशान किया जा रहा था। इसके अलावा घटना से आधे घंटे पहले भाई को कथित धमकी भरा फोन आने का दावा भी किया गया है।
दरवाजे की कुंडी को लेकर परिवार की ओर से जताया गया संदेह भी जांच का हिस्सा हो सकता है।
लेकिन इन सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच के बाद ही निकाला जा सकता है। अभी उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से परिवार की शिकायत और अधिकारियों की शुरुआती कार्रवाई पर आधारित है।
फिलहाल हरीपर्वत पुलिस ने **चार युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।** किशोरी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और कथित धमकी तथा ब्लैकमेलिंग का उससे क्या संबंध था, इसका जवाब जांच से सामने आना बाकी है।
घटना से करीब आधे घंटे पहले भाई को आया कथित फोन इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ियों में से एक है। अब पुलिस की जांच से ही स्पष्ट होगा कि परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य मिलते हैं और किशोरी की मौत के लिए किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी बनती है या नहीं।
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