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मेरठ में होमगार्ड भर्ती की दौड़ के दौरान बिगड़ी अभ्यर्थियों की तबीयत, एक की मौत

मेरठ। उत्तर प्रदेश में होमगार्ड के 41,424 पदों पर भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा मंगलवार से शुरू हो गई। मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में आयोजित शारीरिक परीक्षा के दौरान दौड़ लगाते समय कई अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें से एक अभ्यर्थी की उपचार के दौरान मौत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, शामली निवासी सचिन समेत अन्य अभ्यर्थियों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कैलाश प्रकाश स्टेडियम में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे थे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को दौड़ में शामिल कराया गया। इसी दौरान एक के बाद एक कई अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने लगी। कुछ अभ्यर्थी दौड़ पूरी करने के प्रयास में अचानक गिर पड़े, जिसके बाद वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई।
दौड़ के दौरान नौ अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी गई है। सभी को तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने अभ्यर्थियों का इलाज शुरू किया। उपचार के दौरान एक अभ्यर्थी की मौत हो गई। मृतक की पहचान और मृत्यु के सटीक कारण की आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है। पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
अस्पताल में भर्ती शामली निवासी सचिन का उपचार जारी है। उसकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में विस्तृत आधिकारिक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है। अन्य भर्ती अभ्यर्थियों का भी चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है। कितने अभ्यर्थियों को अस्पताल से छुट्टी दी गई और कितनों की हालत गंभीर है, इसकी पुष्टि संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी नहीं हुई है।
अभ्यर्थी की मौत की खबर मिलने के बाद भर्ती स्थल पर मौजूद लोगों में चिंता बढ़ गई। कई अभ्यर्थी अपने साथियों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेने का प्रयास करते दिखाई दिए। घटना के बाद भर्ती स्थल पर चिकित्सा सहायता और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बड़ी भर्ती प्रक्रिया के दौरान पर्याप्त चिकित्सकीय दल, एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रखने की आवश्यकता बताई जा रही है।
होमगार्ड भर्ती के लिए आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा में दौड़ महत्वपूर्ण चरण है। इसमें अभ्यर्थियों को तय मानकों के अनुसार शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन करना होता है। लंबे समय से भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी परीक्षा में सफल होने के लिए लगातार अभ्यास करते हैं। मंगलवार को परीक्षा के दौरान कई लोगों के एक साथ बीमार पड़ने से शारीरिक परीक्षण के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जरूरत फिर सामने आई है।
इस घटना के बीच कुछ अभ्यर्थियों द्वारा शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए कथित रूप से इंजेक्शन लगाकर दौड़ में शामिल होने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इस दावे की अभी किसी अधिकृत विभाग, चिकित्सक या जांच एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। बिना चिकित्सकीय रिपोर्ट और जांच के यह नहीं कहा जा सकता कि किसी अभ्यर्थी ने ऐसा इंजेक्शन लिया था या तबीयत बिगड़ने का उससे कोई संबंध था।
अस्पताल में भर्ती अभ्यर्थियों की चिकित्सकीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनकी तबीयत किन कारणों से बिगड़ी। कमजोरी, अत्यधिक शारीरिक दबाव, मौसम या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की भूमिका थी या नहीं, इसके बारे में आधिकारिक चिकित्सा रिपोर्ट का इंतजार है। मृतक अभ्यर्थी के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इंजेक्शन से संबंधित अपुष्ट चर्चा के बाद भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत जताई जा रही है। यदि किसी प्रकार के प्रतिबंधित या बिना चिकित्सकीय सलाह वाले पदार्थ के उपयोग की आशंका है तो इसकी पुष्टि केवल मेडिकल जांच से ही हो सकती है। संबंधित अधिकारियों की ओर से इस विषय पर विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि शारीरिक दक्षता परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य की जांच किस स्तर पर की गई थी। परीक्षा स्थल पर कितने चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और एंबुलेंस उपलब्ध थे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी नहीं दी गई है। अभ्यर्थियों को दौड़ शुरू होने से पहले स्वास्थ्य और सुरक्षा से संबंधित निर्देश दिए गए थे या नहीं, इसका विवरण भी सामने आना बाकी है।
होमगार्ड के 41,424 पदों के लिए हो रही भर्ती बड़े स्तर की प्रक्रिया है। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर चिकित्सा और आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत रखना आवश्यक माना जा रहा है। किसी अभ्यर्थी की हालत बिगड़ने पर तत्काल प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था समय पर उपलब्ध होनी चाहिए।
भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के सामने अब घटना के कारणों की स्थिति स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है। अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने के पीछे एक समान कारण था या सभी के स्वास्थ्य की अलग-अलग स्थिति थी, इसका पता चिकित्सकीय रिपोर्ट से ही चलेगा। इसके साथ ही भर्ती स्थल की व्यवस्थाओं और दौड़ के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया की समीक्षा भी की जा सकती है।
अभ्यर्थी की मौत से उसके परिवार में शोक का माहौल है। भर्ती में शामिल होने आया युवक रोजगार की उम्मीद लेकर मैदान में पहुंचा था, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत की सूचना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। मृतक के परिजनों और पहचान के बारे में अधिकृत विवरण सामने नहीं आया है। इसलिए सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अपुष्ट जानकारी से बचना जरूरी है।
फिलहाल शामली निवासी सचिन का मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी बताया जा रहा है। अन्य अभ्यर्थियों की स्वास्थ्य स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। मौत का कारण, इंजेक्शन संबंधी दावा और परीक्षा स्थल की चिकित्सा व्यवस्था जैसे सवालों का जवाब आधिकारिक जांच तथा चिकित्सकीय रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेगा।





