उत्तर प्रदेश

एक्सप्रेसवे से शहरों तक EV चार्जिंग नेटवर्क मजबूत

Saba Naaz
9 July 2026 7:40 PM IST
एक्सप्रेसवे से शहरों तक EV चार्जिंग नेटवर्क मजबूत
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार की नीतियों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू ‘इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति-2022’ के बाद प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में राज्य में 15 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। सरकार का दावा है कि पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई ईवी नीति से लोगों का रुझान इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ा है। इसी का परिणाम है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में ईवी सब्सिडी के स्वीकृत आवेदनों में पिछले वर्ष की तुलना में 241 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।

नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, देश में बिकने वाले कुल इलेक्ट्रिक वाहनों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी अब करीब 18 प्रतिशत हो चुकी है। राज्य सरकार का लक्ष्य इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक पहुंचाना है। इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए प्रदेश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे से लेकर शहरों तक अब तक 2316 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर भरोसा और बढ़ेगा।

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने ईवी सब्सिडी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया है। अब तक 86,489 इलेक्ट्रिक वाहनों के सब्सिडी आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 43 हजार से अधिक लाभार्थियों को भुगतान भी किया जा चुका है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में जहां ईवी सब्सिडी के 13,950 आवेदन स्वीकृत हुए थे, वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 47,514 तक पहुंच गई। वहीं, 1 अप्रैल 2026 से 22 जून 2026 के बीच करीब 10 हजार नए आवेदन भी स्वीकृत किए गए हैं।

ईवी सब्सिडी का सबसे ज्यादा लाभ दोपहिया वाहन खरीदने वालों ने लिया है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक 61,417 दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवेदन स्वीकृत हुए हैं। इसके बाद चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग रही है, जिनके लिए 24,959 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का उद्देश्य केवल प्रदूषण कम करना नहीं है, बल्कि राज्य में हरित परिवहन व्यवस्था विकसित करना भी है। ईवी के बढ़ते इस्तेमाल से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत विनिर्माण, चार्जिंग स्टेशन और उपभोक्ता प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले समय में सरकार चार्जिंग नेटवर्क को और विस्तार देने तथा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। 15 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों और हजारों चार्जिंग स्टेशनों के साथ उत्तर प्रदेश अब देश में ग्रीन मोबिलिटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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