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एमएस धोनी जैसी कहानी, जमशेद आलम को मिली रेलवे में टीसी की नौकरी

राजापाकड़/कुशीनगर: कुचिया मठिया गांव के तेज गेंदबाज जमशेद आलम ने क्रिकेट के मैदान पर ऐसी पहचान बनाई है कि अब उन्हें वेस्टर्न रेलवे में टिकट कलेक्टर की नौकरी मिली है। महज 23 वर्ष की उम्र में यह उपलब्धि जमशेद की मेहनत और लगन का परिणाम है। वे अब रेलवे की ओर से खेलते हुए एक जिम्मेदार पद का भी निर्वहन करेंगे।
गांव की गलियों और खेतों से शुरू हुई क्रिकेट यात्रा अब राष्ट्रीय स्तर पर जमशेद को पहचान दिला चुकी है। बीसीसीआई द्वारा आयोजित प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने लगातार प्रभावी प्रदर्शन किया है। हाल ही में वे विराट कोहली को बोल्ड कर देशभर में चर्चा में आए।
जमशेद ने विजय हजारे ट्रॉफी, बिनो मन्कण्ड ट्रॉफी, यूपी लीग (दोनों संस्करण), बीसीसीआई की विज्जी ट्रॉफी और यूपीसीए अंडर 19 वनडे टीम में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा को प्रमाणित किया है। तीन वर्षों तक वे विभिन्न आईपीएल टीमों के कैंप बॉलर भी रह चुके हैं। हाल ही में उन्होंने भारतीय टीम के वरिष्ठ बल्लेबाज़ विराट कोहली को नेट में बोल्ड कर देशभर में सुर्खियाँ बटोरी थीं।
अपने क्रिकेट जीवन की सफलता का श्रेय उन्होंने अकरम सैफी को दिया है। साथ ही ट्रेनर ललितेंद्र कुमार, कोच विश्वजीत सिन्हा व अनुरीत सिंह, पिता बसकरीम अली, मां जैनुल निशा और भाई अबरार, आफताब, शमशाद, मुस्तफा अहमद सहित सहयोगी संजीव जायसवाल, शोएब, मनीष ओझा और सहिम हसन के प्रति आभार जताया है।एमएस धोनी की तरह रेलवे से करियर की शुरुआत करने वाले जमशेद अब युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
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जमशेद की उपलब्धियाँ
- बीसीसीआई द्वारा आयोजित विज्जी ट्रॉफी में हिस्सा
- विजय हजारे ट्रॉफी में प्रभावी प्रदर्शन
- बिनो मन्कण्ड ट्रॉफी में चयन
- यूपीसीए द्वारा आयोजित यूपी लीग के दोनों संस्करणों में मेरठ टीम से खेले
- तीन वर्षों से आईपीएल कैंप बॉलर रहे (अलग-अलग टीमों के लिए)
- यूपीसीए अंडर-19 वनडे टीम के भी हिस्सा रहे
इन उपलब्धियों के आधार पर ही जमशेद को प्रथम श्रेणी क्रिकेट में प्रदर्शन के बल पर रेलवे में नियुक्ति मिली है।





