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Deoband में राम मंदिर मुद्दे पर बयान, एसआईटी जांच को लेकर उठी आवाज

Deoband देवबंद : देवबंद (सहारनपुर)। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को लेकर लगाए गए कथित घोटाले और अनियमितताओं के आरोपों पर राजनीतिक और सामाजिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार द्वारा एसआईटी को लिखे गए पत्र का समर्थन किया है।
विकास त्यागी ने कहा कि जिन नेताओं ने श्रीराम मंदिर ट्रस्ट पर हजारों करोड़ रुपये की चोरी और घोटाले जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्हें एसआईटी द्वारा तत्काल तलब किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आरोप लगाने वालों के पास ठोस सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक रूप से पेश करना चाहिए, अन्यथा झूठे आरोपों के लिए उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि यह आरोप लगाने वालों में अखिलेश यादव, संजय सिंह, प्रियंका गांधी और अरविंद केजरीवाल जैसे नाम शामिल हैं, जो जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। त्यागी ने कहा कि यह लोग पहले भी श्रीराम मंदिर निर्माण का विरोध कर चुके हैं और अब भी मंदिर की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग दान की गई वस्तुओं को लेकर गलत बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि मंदिर ट्रस्ट के अनुसार सभी दान की गई वस्तुएं सुरक्षित रूप से मंदिर में मौजूद हैं। त्यागी ने सुझाव दिया कि यदि कोई व्यक्ति प्रसिद्धि पाने के लिए झूठे आरोप लगा रहा है तो मंदिर ट्रस्ट को उसका दान वापस कर देना चाहिए, जिससे ऐसी राजनीति पर रोक लग सके।विकास त्यागी ने आगे कहा कि श्रीराम मंदिर का निर्माण किसी एक व्यक्ति के धन से नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था और समर्पण से हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे मंदिर को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि वर्तमान में चल रही एसआईटी जांच को और तेज किया जाए और यदि आवश्यकता पड़े तो पूरे मामले की सीबीआई जांच भी कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।त्यागी ने कहा कि जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि आरोप वास्तविक हैं या किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच में सच सामने आएगा और गलत आरोप लगाने वालों का चेहरा जनता के सामने उजागर होगा।





