उत्तर प्रदेश

सोन नदी उफान पर खतरे के निशान के पार

Kavita2
3 Sept 2026 5:44 PM IST
सोन नदी उफान पर खतरे के निशान के पार
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सोनभद्र। लगातार हो रही बारिश और विभिन्न बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को सोन नदी खतरे के निशान को पार कर गई, जिससे नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे सोन नदी का जलस्तर 171.44 मीटर तक पहुंच गया। यह खतरे के निशान 171 मीटर से ऊपर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के साथ-साथ बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण सोन नदी में पानी का दबाव बढ़ा है। ओबरा से करीब एक लाख क्यूसेक पानी, रिहंद से 72 हजार क्यूसेक पानी और बाणसागर बांध से लगभग 14 लाख क्यूसेक पानी सोन नदी में पहुंच रहा है।

इसके अलावा क्षेत्र के कई छोटे-बड़े नदी-नालों का पानी भी सोन नदी में मिल रहा है। इससे नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

सोन पंप कैनाल और ओबरा डैम के सहायक अभियंता अमित गौरव ने बताया कि केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के आधार पर नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बांधों में पानी की आवक और छोड़े जा रहे पानी की मात्रा पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार सुबह आठ बजे सोन नदी का जलस्तर 170.41 मीटर दर्ज किया गया था। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे जलस्तर घटकर 168.40 मीटर तक पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद पानी की आवक बढ़ने से नदी का स्तर तेजी से बढ़ा और दोपहर तीन बजे यह 171.44 मीटर पर पहुंच गया।

नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नदी के बहाव और पानी के फैलाव पर नजर रख रहे हैं।

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारे जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान बांधों से पानी छोड़े जाने और लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में समय पर निगरानी और चेतावनी व्यवस्था बेहद जरूरी होती है।

सोन नदी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। जल संसाधन विभाग और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारी की गई है।

नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण किसानों और ग्रामीणों में भी चिंता है, क्योंकि कई इलाकों में खेत नदी के आसपास स्थित हैं। अधिक पानी बढ़ने पर फसलों और आवागमन पर असर पड़ सकता है।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति और मौसम की गतिविधियों को देखते हुए आने वाले घंटों में भी सोन नदी के जलस्तर में बदलाव की संभावना बनी हुई है।

फिलहाल केंद्रीय जल आयोग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर में किसी भी बड़े बदलाव की जानकारी तुरंत साझा की जाएगी।

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