- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- 22 जिलों में मिट्टी की...
22 जिलों में मिट्टी की जांच किसानों को सात दिन में मिलेगी रिपोर्ट

कानपुर: किसानों को अपनी जमीन की मिट्टी की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अब लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय यानी CSA कानपुर की ओर से 22 जिलों में मिट्टी की जांच की जाएगी। जांच के बाद किसानों को करीब पांच से सात दिनों में रिपोर्ट उपलब्ध कराने की योजना है। इससे किसानों को यह समझने में मदद मिलेगी कि उनके खेत की मिट्टी में किन पोषक तत्वों की कमी है और फसल के लिए कितनी मात्रा में खाद या उर्वरक की जरूरत है।मिट्टी की जांच खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। कई बार किसान बिना मिट्टी की वास्तविक स्थिति जाने ही नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और दूसरे उर्वरकों का इस्तेमाल करते हैं। आवश्यकता से ज्यादा उर्वरक डालने पर खेती की लागत बढ़ती है और लंबे समय में मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद किसान जरूरत के अनुसार पोषक तत्वों का इस्तेमाल कर सकेंगे।





