राजस्थान

घी और मिर्च की बिक्री पर रोक 9 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड

nidhi
3 Sept 2026 8:10 AM IST
घी और मिर्च की बिक्री पर रोक 9 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड
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9 दुकानों पर कार्रवाई

जयपुर: राजस्थान में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अगस्त में अलग-अलग जिलों से लिए गए नमूनों की जांच में पांच पैकेज्ड खाद्य उत्पाद असुरक्षित पाए गए हैं। इसके बाद इन उत्पादों की बिक्री, वितरण और प्रदर्शन पर पूरे राजस्थान में दो महीने के लिए रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही असुरक्षित खाद्य पदार्थों के नमूने मिलने पर नौ खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं।

यह कार्रवाई राज्य सरकार के 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत की गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच करा रहा है। राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में हुई जांच के बाद जिन उत्पादों को असुरक्षित पाया गया उनके खिलाफ विभाग ने कार्रवाई की। जांच में बालोतरा की दिशा एंटरप्राइजेज द्वारा निर्मित नंदी ब्रांड का गाय का घी असुरक्षित पाया गया। इसके अलावा बाड़मेर की श्री सांवरिया इंडस्ट्रीज की रतवाड़ी टी यानी गोल्डन थार ब्रांड की चाय भी जांच के दायरे में आई। पंजाब के फाजिल्का स्थित हिमाया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित जीएस गोल्ड ब्रांड के लाल मिर्च पाउडर को भी असुरक्षित पाया गया है।
दिल्ली के दो बैच के घी पर भी कार्रवाई
दिल्ली के सरनाथ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित KDP फूड इंडस्ट्री के उत्पादों पर भी कार्रवाई हुई है। विभाग के मुताबिक KDP डेयरी के कृष्णा ब्रांड घी के दो बैच और सारस ब्रांड घी का एक बैच जांच में असुरक्षित पाया गया। इसके बाद संबंधित उत्पादों की राजस्थान में बिक्री पर दो महीने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई पूरे ब्रांड के हर उत्पाद पर स्थायी प्रतिबंध के रूप में नहीं बल्कि जांच में असुरक्षित मिले निर्दिष्ट उत्पादों और बैचों के संबंध में की गई है। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए पैकेजिंग पर लिखे ब्रांड और बैच नंबर को ध्यान से देखना महत्वपूर्ण है।
नौ प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड
असुरक्षित खाद्य नमूने मिलने के बाद राजस्थान के नौ प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इनमें बाड़मेर के बाखासर स्थित हार्दिक ट्रेडर्स से लिया गया मिर्च पाउडर, चूरू के एक प्रतिष्ठान की तैयार चाय और बीकानेर के रानी बाजार स्थित शर्मा सेल्स एजेंसीज का फ्राइड मटर शामिल है। अजमेर में भी कार्रवाई की गई है। यहां श्री सवाई भोज मिल्क डेयरी और इंडिया मिल्क डेयरी के दूध के नमूनों के मामले में कार्रवाई हुई। वैशाली नगर स्थित एमएसके रेजिडेंट के माउथ फ्रेशनर और सौंफ से संबंधित नमूना भी कार्रवाई के दायरे में आया। टोंक के टोडारायसिंह स्थित बजाली मिल्क डेयरी और देवली की श्रीजी मिल्क डेयरी के घी के साथ बाड़मेर की श्री सांवरिया इंडस्ट्रीज की चाय से संबंधित मामले में भी लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई। इस तरह कुल नौ खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
तीन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निरस्त
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जयपुर में तीन प्रतिष्ठानों के खिलाफ इससे भी कड़ी कार्रवाई की है। विभाग के मुताबिक पूर्व में असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने के कारण लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद बिना वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के कारोबार जारी रखने पर तीन प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिए गए हैं। इनमें विद्याधर नगर का बालाजी जायका, कूकड़खेड़ा का गणपति ड्राईफ्रूट्स और निर्माण नगर स्थित द कंबू कैफे फूड एंड बेवरेजेज शामिल हैं।
ग्राहकों को सावधानी बरतने की सलाह
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम लोगों से असुरक्षित घोषित किए गए खाद्य उत्पादों की खरीद और बिक्री से बचने की अपील की है। ग्राहकों को कोई भी पैकेज्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी पैकेजिंग, लेबल, ब्रांड, बैच नंबर, निर्माण तिथि और वैधता से जुड़ी जानकारी ध्यान से जांचने की सलाह दी गई है।
इस कार्रवाई से साफ है कि राजस्थान में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही है। घी, मिर्च पाउडर, दूध, चाय और दूसरे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी सीधे लोगों की सेहत से जुड़ा मामला है। ऐसे में विभाग ने जांच में असुरक्षित मिले उत्पादों की बिक्री रोकने के साथ संबंधित प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की है। फिलहाल पांच पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर दो महीने की रोक और नौ प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए जाने की कार्रवाई ने खाद्य कारोबारियों को भी स्पष्ट संदेश दिया है कि गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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