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उत्तर प्रदेश
भारत-नेपाल बॉर्डर पर तस्करी का भंडाफोड़, 75 बोरी कद्दू बीज जब्त,चालक गिरफ्तार चालक गिरफ्तार
Rajeshwari Nishad
5 Nov 2026 3:21 PM IST

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महराजगंज। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। निचलौल थाना क्षेत्र की बहुआर चौकी पुलिस और एसएसबी झुलनीपुर की टीम ने बुधवार, 4 नवंबर की भोर में गेड़हवा पुल के पास एक संदिग्ध पिकअप वाहन को पकड़कर उसमें लदी 75 बोरी कद्दू के बीज बरामद किए। बरामद बीजों का कुल वजन लगभग 30 क्विंटल यानी तीन हजार किलोग्राम बताया जा रहा है। टीम ने मौके से पिकअप चालक को गिरफ्तार कर वाहन को कब्जे में ले लिया है। मामले में सीमा शुल्क अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कद्दू के बीज नेपाल से नारायणी नदी के रास्ते नाव द्वारा भारतीय क्षेत्र में लाए गए थे। इसके बाद इन्हें पिकअप वाहन में लादकर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में पहुंचाने की तैयारी थी। हालांकि, सीमा क्षेत्र में सक्रिय पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने खेप को निर्धारित स्थान तक पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया।
मुखबिर की सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, बहुआर पुलिस चौकी प्रभारी मनोज कुमार गुप्ता बुधवार तड़के अपनी टीम के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। उनके साथ उपनिरीक्षक कपिल प्रजापति, कांस्टेबल रामाशीष यादव और शुभम वर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे।इसी दौरान एसएसबी झुलनीपुर के उपनिरीक्षक रविंद्र कुमार यादव भी अपनी टीम के साथ क्षेत्र में निगरानी कर रहे थे।गश्त के दौरान संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि नेपाल से कद्दू के बीजों की बड़ी खेप भारतीय सीमा में लाई गई है। इस खेप को नारायणी नदी के टेल फॉल क्षेत्र से पिकअप वाहन में लादकर तेरह चार पुल की दिशा में ले जाया जा रहा है।सूचना में यह भी बताया गया कि सामान को आगे कुशीनगर पहुंचाने की योजना है।जानकारी मिलते ही पुलिस और एसएसबी के जवान सतर्क हो गए। अधिकारियों ने तत्काल संदिग्ध वाहन को पकड़ने की रणनीति तैयार की।
गेड़हवा पुल के पास की घेराबंदी
मुखबिर से मिली जानकारी के बाद एसएसबी पथलहवा के निरीक्षक अरुण कुमार पांडेय को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया।इसके बाद पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने गेड़हवा पुल के आसपास निगरानी बढ़ा दी।कुछ देर बाद बताए गए रास्ते से एक पिकअप वाहन आता दिखाई दिया। टीम ने वाहन को रुकवाकर चालक से पूछताछ की और उसमें लदे सामान की जांच शुरू की।तलाशी के दौरान पिकअप में बड़ी संख्या में बोरियां मिलीं। जांच करने पर उनमें कद्दू के बीज भरे पाए गए।वाहन में कुल 75 बोरियां लदी थीं। प्रत्येक बोरी का वजन लगभग 40 किलोग्राम बताया गया है।इस प्रकार बरामद कद्दू के बीजों का कुल वजन करीब तीन हजार किलोग्राम निकला।इतनी बड़ी मात्रा में बीज बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने वाहन और सामान को कब्जे में ले लिया।
पकड़े गए चालक की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए पिकअप चालक की पहचान हैदर अली के रूप में हुई है। वह महराजगंज जिले के परसामलिक थाना क्षेत्र के खैरहवा दूबे गांव का निवासी बताया गया है।प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने बताया कि पिकअप में कद्दू के बीज लदे हैं और इन्हें कुशीनगर ले जाया जा रहा था।जांच में यह जानकारी भी सामने आई कि बीजों को नेपाल से नारायणी नदी के रास्ते नाव से लाया गया था।इसके बाद भारतीय सीमा क्षेत्र में पहुंचाकर उन्हें सड़क मार्ग से आगे भेजने की तैयारी की गई थी।हालांकि, इस खेप को किसने भेजा था, इसका वास्तविक मालिक कौन है और कुशीनगर में इसे किस व्यक्ति या कारोबारी तक पहुंचाया जाना था, इसकी पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं हुई है।इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही सामान की आवाजाही से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सकेगी।
नारायणी नदी के रास्ते लाई गई थी खेप
भारत-नेपाल सीमा का बड़ा हिस्सा खुला होने के कारण यहां सामान की आवाजाही पर निगरानी रखना सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।महराजगंज जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में नारायणी नदी और उससे जुड़े रास्तों का विशेष महत्व है।पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस मामले में भी नदी मार्ग का इस्तेमाल किया गया।बीजों की खेप पहले नाव से टेल फॉल क्षेत्र तक लाई गई और फिर उसे पिकअप में लादकर आगे भेजने की तैयारी की गई थी।सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि इस खेप के परिवहन में किन लोगों की भूमिका रही और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है।हालांकि, फिलहाल किसी बड़े तस्करी गिरोह की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पिकअप सीज, कस्टम एक्ट के तहत कार्रवाई
निचलौल थाना प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र राय के अनुसार, कद्दू के बीजों से लदे पिकअप वाहन को कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है।मामले में कस्टम एक्ट के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वाहन और बरामद सामान को निचलौल स्थित सीमा शुल्क कार्यालय के सुपुर्द करने की प्रक्रिया भी बताई गई है।सीमा पार व्यापार में वस्तुओं के आयात और निर्यात के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन जरूरी होता है।सामान को बिना आवश्यक औपचारिकताओं के सीमा पार लाने या ले जाने की स्थिति में संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।इस मामले में बरामद बीजों की कीमत और परिवहन संबंधी दस्तावेजों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार बढ़ाई जा रही निगरानी
भारत-नेपाल सीमा पर अवैध सामान की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस और एसएसबी की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चलाती रहती हैं।सीमा क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की जांच, गश्त और मुखबिर से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जाती है।इससे पहले भी महराजगंज जिले में कद्दू के बीज और अन्य कृषि उत्पादों की संदिग्ध खेप पकड़े जाने के मामले सामने आ चुके हैं।सितंबर 2026 में भी एसएसबी ने सीमावर्ती क्षेत्र में कद्दू के बीजों से लदे एक ट्रक को पकड़कर कार्रवाई की थी। उस मामले में 151 बोरियां बरामद होने की खबर सामने आई थी।लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से सीमा क्षेत्र में कृषि उत्पादों के अवैध परिवहन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता का महत्व बढ़ गया है।
संयुक्त टीम की सतर्कता से नाकाम हुई कोशिश
बहुआर चौकी पुलिस और एसएसबी झुलनीपुर की इस संयुक्त कार्रवाई में मुखबिर की सूचना महत्वपूर्ण साबित हुई।समय रहते घेराबंदी किए जाने से कद्दू के बीजों की बड़ी खेप को आगे भेजे जाने से रोक दिया गया।
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