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एसोसिएशन ने अपनी वार्षिक आय-व्यय विवरणी, 2025-26 के ऑडिट किए गए खाते और वर्ष भर की गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। सदस्यों ने ध्वनि मत से इन खातों को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। सदस्यों को एसोसिएशन की चल रही गतिविधियों और अदालतों में लंबित विभिन्न मामलों की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी गई। सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। कुछ मुद्दों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि बाकी मामलों पर एसोसिएशन ने सदस्यों को आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सर्वसम्मति से पांच मांगें स्वीकार की गईं, जिन्हें HPTDC प्रबंधन, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और राज्य सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।
पहली मांग सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सभी लंबित बकायों का एकमुश्त भुगतान करने की है। इसमें 1 जनवरी 2016 से लागू संशोधित वेतनमानों के एरियर, अंतरिम राहत (IR), महंगाई भत्ता (DA), लीव एनकैशमेंट (छुट्टी के बदले नकद भुगतान) और ग्रेच्युटी शामिल हैं। एसोसिएशन के अनुसार, अदालती आदेशों के बावजूद ये भुगतान पिछले 8 से 10 वर्षों से लंबित हैं, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भारी आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने निगम से आग्रह किया कि बिना किसी और देरी के सभी बकाया भुगतान जारी किए जाएं। दूसरी मांग सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए HPTDC होटलों में रियायती दरों पर आवास और भोजन उपलब्ध कराने की है। एसोसिएशन का कहना है कि जब पेंशनभोगी व्यक्तिगत या आधिकारिक काम से दिल्ली, चंडीगढ़ या हिमाचल के अन्य स्थानों की यात्रा करते हैं, तो उन्हें भी वही रियायतें मिलनी चाहिए जो वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को मिलती हैं। एसोसिएशन ने बताया कि इस संबंध में एक निर्णय लंबे समय से निगम के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के पास लंबित है, और उन्होंने इसे जल्द लागू करने की मांग की।
तीसरी मांग दिवंगत HPTDC कर्मचारियों के आश्रितों के लिए उच्च दर वाली पारिवारिक पेंशन (फैमिली पेंशन) को बहाल करने की है। 4 अक्टूबर 2016 के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए, एसोसिएशन ने बताया कि EPFO ने शुरू में पात्र परिवारों को न्यूनतम पेंशन के बजाय बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन दी थी, लेकिन 2018 में इसे घटाकर न्यूनतम स्तर पर ला दिया गया। इसके बाद EPFO के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई, जिस पर 4 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने फिर से कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया। एसोसिएशन का कहना है कि इन निर्देशों के बावजूद, उच्च दर वाली पारिवारिक पेंशन अभी तक बहाल नहीं की गई है। इसमें EPFO से आग्रह किया गया है कि वह अदालत के आदेशों को तुरंत लागू करे और बकाया राशि का भुगतान करे।
चौथी मांग HPTDC को राज्य सरकार की ओर से एक बार दी जाने वाली विशेष वित्तीय सहायता के बारे में है। एसोसिएशन का कहना है कि अगर निगम की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वह अपनी देनदारियों का भुगतान नहीं कर पा रहा है, तो सरकार को आगे आना चाहिए। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कानूनी और वित्तीय बकायों—जैसे कि लंबित वेतन और भत्ते, लीव एनकैशमेंट (छुट्टियों के बदले नकद भुगतान) और ग्रेच्युटी—का एक तय समय-सीमा के भीतर निपटारा किया जा सके।
पांचवीं मांग 'कॉर्पोरेट सेक्टर पेंशन नोटिफिकेशन, 1999' को लागू करने की है, ताकि इसके दायरे से बाहर रह गए सभी पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इसमें शामिल किया जा सके। एसोसिएशन ने चिंता जताई है कि EPFO के तहत कई पेंशनभोगियों को जो पेंशन मिल रही है, वह बहुत कम है। बढ़ती महंगाई के दौर में यह राशि उनकी बुनियादी जरूरतों, खासकर स्वास्थ्य देखभाल के खर्चों को पूरा करने के लिए नाकाफी है। एसोसिएशन ने सरकार से आग्रह किया है कि वह सभी पात्र कर्मचारियों को कॉर्पोरेट सेक्टर पेंशन का लाभ प्रदान करे।
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