उत्तर प्रदेश

बांध में मगरमच्छ दिखने से मचा हड़कंप, वन विभाग पर सवाल

Rajeshwari Nishad
4 Nov 2026 6:25 PM IST
बांध में मगरमच्छ दिखने से मचा हड़कंप, वन विभाग पर सवाल
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सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में सेमरिया बांध में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। बुधवार को ग्रामीणों ने बांध के पानी में मगरमच्छ देखा, जिसके बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। मगरमच्छ दिखाई देने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने की मांग की। हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार शाम तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। इससे लोगों में नाराजगी के साथ भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों को आशंका है कि मगरमच्छ बांध से निकलकर आसपास के इलाकों में पहुंच सकता है। विशेषकर बांध के आसपास आने-जाने वाले लोगों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द वन विभाग की टीम भेजने और स्थिति का जायजा लेने की मांग की है।
बांध में मगरमच्छ दिखाई देते ही मचा हड़कंप
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को सेमरिया गांव के कुछ लोगों ने बांध में मगरमच्छ जैसी आकृति देखी। ध्यान से देखने पर उन्हें पानी में मगरमच्छ होने का संदेह हुआ। इसकी जानकारी गांव के अन्य लोगों तक पहुंची तो इलाके में हलचल बढ़ गई।मगरमच्छ दिखाई देने की खबर फैलते ही ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया। बांध के आसपास जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाने लगी।ग्रामीणों का कहना है कि जलाशय में मगरमच्छ की मौजूदगी गंभीर चिंता का विषय है। यदि समय रहते स्थिति का आकलन नहीं किया गया तो बांध के आसपास जाने वाले लोगों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।हालांकि, मगरमच्छ की लंबाई, संख्या और उसकी वर्तमान स्थिति के बारे में वन विभाग की ओर से अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंची वन विभाग की टीम
ग्रामीणों के मुताबिक, मगरमच्छ दिखाई देने के बाद तुरंत वन विभाग के संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई थी। उनसे मौके पर पहुंचकर जांच करने और जरूरत पड़ने पर मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू करने का अनुरोध किया गया।इसके बावजूद बुधवार शाम तक वनकर्मियों के मौके पर नहीं पहुंचने की बात ग्रामीणों ने कही है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में वन विभाग को जल्द से जल्द मौके पर पहुंचकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि अफवाहों और भय को फैलने से रोका जा सके।हालांकि, विभागीय टीम के नहीं पहुंचने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। वन विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही देरी की वजह का पता चल सकेगा।
बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता
सेमरिया बांध में मगरमच्छ दिखाई देने के बाद ग्रामीणों को सबसे अधिक चिंता बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर है।ग्रामीण इलाकों में जलाशयों के आसपास लोगों की आवाजाही बनी रहती है। कई स्थानों पर मवेशियों को पानी पिलाने और अन्य घरेलू जरूरतों के लिए भी लोग तालाबों तथा बांधों के पास जाते हैं।ऐसी स्थिति में मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सावधानी बरतना आवश्यक हो जाता है।विशेषज्ञों के अनुसार, मगरमच्छ सामान्यतः पानी और उसके किनारों पर रहते हैं। उन्हें परेशान करने, पकड़ने या बहुत करीब जाने पर खतरा बढ़ सकता है। इसलिए किसी भी मगरमच्छ को देखने पर उससे पर्याप्त दूरी बनाए रखना जरूरी है।ग्रामीणों को भी सलाह दी जा रही है कि जब तक वन विभाग स्थिति स्पष्ट नहीं करता, तब तक बांध में उतरने या उसके किनारों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचें।
ग्रामीणों ने जल्द रेस्क्यू कराने की मांग की
मगरमच्छ दिखाई देने की घटना के बाद ग्रामीण वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर पहले मगरमच्छ की मौजूदगी की पुष्टि करें।इसके बाद स्थिति के अनुसार निगरानी, चेतावनी बोर्ड या आवश्यक रेस्क्यू की व्यवस्था की जाए।ग्रामीण चाहते हैं कि बांध के आसपास सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएं, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।वन्यजीवों के मामलों में यह भी जरूरी है कि किसी जानवर को अनावश्यक रूप से नुकसान न पहुंचाया जाए। मगरमच्छ का रेस्क्यू आवश्यक है या नहीं, इसका निर्णय प्रशिक्षित वन्यजीव विशेषज्ञों को स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर करना चाहिए।
सोनभद्र में पहले भी सामने आ चुके हैं मगरमच्छ
सोनभद्र जिले में मगरमच्छ दिखाई देने की यह पहली घटना नहीं है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहले भी आबादी के आसपास मगरमच्छ मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।हाल ही में रामगढ़ वन रेंज के अंतर्गत महुअरी और रैंया गोसाई गांवों में दो मगरमच्छ मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने उन्हें पकड़कर कर्मनाशा नदी में छोड़ा था। इससे स्पष्ट होता है कि जिले के कुछ जल क्षेत्रों में मगरमच्छों की मौजूदगी असामान्य नहीं है।हालांकि, सेमरिया बांध में दिखाई दिए मगरमच्छ का इन घटनाओं से कोई संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है।
मगरमच्छ दिखाई देने पर बरतें ये सावधानियां
वन्यजीवों से जुड़े जानकारों के अनुसार, मगरमच्छ दिखाई देने पर सबसे पहले लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। उसे पत्थर मारकर भगाने, घेरने या पकड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए।बच्चों को जलाशय के पास अकेले नहीं जाने देना चाहिए। मवेशियों को भी संदिग्ध स्थानों पर पानी पिलाने से बचना चाहिए।यदि मगरमच्छ किनारे पर दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना देनी चाहिए। आसपास भीड़ इकट्ठा करने और जानवर को उकसाने से स्थिति अधिक खतरनाक हो सकती है।
वन विभाग की अगली कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल सेमरिया बांध में मगरमच्छ दिखाई देने की घटना से ग्रामीण सहमे हुए हैं। बुधवार शाम तक वन विभाग की टीम के नहीं पहुंचने की सूचना के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है।ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी जल्द मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगे और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करेंगे।
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