उत्तर प्रदेश

गो संरक्षण को लेकर शंकराचार्य का अभियान पूरा, सीएम योगी को भेजा प्रस्ताव

Ratna Netam
22 July 2026 6:50 PM IST
गो संरक्षण को लेकर शंकराचार्य का अभियान पूरा, सीएम योगी को भेजा प्रस्ताव
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Lucknow लखनऊ : 81 दिवसीय गविष्ठि (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा के समापन के बाद ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम हिमालय तोटकाचार्य गुफा, जोशीमठ (उत्तराखंड) के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में उन्होंने गोमाता को पशु सूची से अलग कर राज्यमाता और राष्ट्रमाता का दर्जा देने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित कराने तथा केंद्र सरकार को इसकी संस्तुति भेजने की मांग की है।

शंकराचार्य ने कहा कि गो संरक्षण को लेकर जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से यह 81 दिवसीय यात्रा निकाली गई थी। उन्होंने बताया कि यात्रा की शुरुआत 3 मई को गोरखपुर से हुई थी और इस दौरान उत्तर प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से संवाद किया गया।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अनुसार, यात्रा के दौरान कुल 14,630 किलोमीटर की दूरी तय की गई। इस अवधि में 2,403 जनसभाओं का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान के माध्यम से 18 लाख से अधिक लोगों से प्रत्यक्ष संपर्क किया गया, जबकि सोशल मीडिया और अन्य मीडिया माध्यमों के जरिए करीब 27 करोड़ लोगों तक गो संरक्षण का संदेश पहुंचा।

ज्ञापन में शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में गोमाता को लेकर प्रस्ताव लाया जाए। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। इसलिए इसे केवल पशु के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि विशेष सम्मान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गो संरक्षण को मजबूत करने के लिए सरकारों को ठोस कदम उठाने की जरूरत है। शंकराचार्य ने मांग की कि गोमाता को राज्यमाता और राष्ट्रमाता का दर्जा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार पहल करे और केंद्र सरकार को भी इसके लिए प्रस्ताव भेजे।

गौरतलब है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती लंबे समय से गो संरक्षण और गो संवर्धन से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। उनकी ओर से निकाली गई गविष्ठि यात्रा का उद्देश्य लोगों को गो रक्षा के प्रति जागरूक करना और सरकारों से इस दिशा में नीतिगत कदम उठाने की मांग करना था।

यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में गो संरक्षण, भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। शंकराचार्य ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को गो संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए और इसके लिए जनभागीदारी जरूरी है।

अब ज्ञापन भेजे जाने के बाद सभी की नजर उत्तर प्रदेश सरकार के रुख पर है। हालांकि सरकार की ओर से इस मांग पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शंकराचार्य समर्थकों को उम्मीद है कि राज्य सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगी और विधानसभा में प्रस्ताव लाने की दिशा में कदम उठाएगी।

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