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गुलदार हमले की आड़ में छिपा था हत्या का राज, बेटे ने मां को उतारा मौत के घाट

Bijnor बिजनौर : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों को झकझोर कर रख दिया है। जिस वृद्ध महिला की मौत को पहले गुलदार के हमले का मामला माना जा रहा था, पुलिस जांच में वह हत्या निकली। हैरानी की बात यह है कि हत्या का आरोप किसी बाहरी व्यक्ति पर नहीं बल्कि मृतका के छोटे बेटे पर लगा है। पुलिस के अनुसार आरोपी बेटे ने कथित तौर पर गुलदार के हमले में मिलने वाले पांच लाख रुपये के मुआवजे के लालच में अपनी मां की हत्या कर झूठी कहानी गढ़ी थी।
मामला हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के अजूपुरा जट गांव का है। गांव निवासी 70 वर्षीय वीरवती अपने छोटे बेटे बहाल सिंह उर्फ मनिया के साथ रहती थीं। उनके पति का करीब पांच साल पहले निधन हो चुका था। उनका बड़ा बेटा देहरादून में नौकरी करता है। परिवार की जिम्मेदारी छोटे बेटे के पास थी।
पुलिस के मुताबिक सोमवार शाम वीरवती पशुओं के लिए चारा लेने खेत गई थीं। कुछ समय बाद उनका बेटा गांव पहुंचा और शोर मचाने लगा कि गुलदार उसकी मां पर हमला कर उसे जंगल की ओर ले गया। उसने ग्रामीणों को बताया कि उसने दराती से गुलदार को भगाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी मां को बचा नहीं सका।
आरोपी की बात सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो कुछ दूरी पर वीरवती का शव मिला। शुरुआती स्थिति में सभी ने इसे गुलदार के हमले का मामला मान लिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। ग्रामीणों और परिजनों ने कुछ समय तक शव उठाने का विरोध किया, लेकिन अधिकारियों के समझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
घटनास्थल की जांच के दौरान वन विभाग के अधिकारियों को कुछ बातें संदिग्ध लगीं। अधिकारियों ने पाया कि शव पर गुलदार के हमले जैसे स्पष्ट निशान मौजूद नहीं थे। आमतौर पर जंगली जानवर के हमले में शरीर पर पंजों और दांतों के निशान मिलते हैं, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं मिला। महिला के चेहरे और हाथों पर चोट के निशान जरूर थे, जिससे जांच एजेंसियों को संदेह हुआ कि मामला केवल जानवर के हमले का नहीं है।
मंगलवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले से पर्दा उठा दिया। रिपोर्ट में सामने आया कि वीरवती की मौत गला घोंटने से हुई थी। इसके अलावा शरीर पर गंभीर चोटों, पसलियों में फ्रैक्चर और पेट पर दबाव डालने के प्रमाण मिले। इसके बाद पुलिस ने मृतका के छोटे बेटे बहाल सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन खेत में किसी बात को लेकर उसकी मां से विवाद हुआ था। कहासुनी बढ़ने के बाद गुस्से में उसने मां की हत्या कर दी। इसके बाद खुद को बचाने और आर्थिक लाभ लेने के लिए उसने गुलदार के हमले की कहानी बना दी।
पुलिस के अनुसार आरोपी को उम्मीद थी कि वन विभाग की ओर से गुलदार के हमले में मिलने वाली पांच लाख रुपये की सहायता राशि मिल जाएगी। इसी लालच में उसने ग्रामीणों और प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया।
चांदपुर के क्षेत्राधिकारी देश दीपक सिंह ने बताया कि मृतका के बड़े बेटे की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह मामला रिश्तों में आई कड़वाहट और लालच के कारण हुई एक दर्दनाक घटना के रूप में सामने आया है। हालांकि पुलिस जांच, वन विभाग की पड़ताल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के कारण कुछ ही समय में सच्चाई सामने आ गई और गुलदार हमले की बनाई गई पूरी कहानी का खुलासा हो गया।





