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तिरंगा यात्रा में गर्मी का कहर, 25 से 30 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

देवरिया। जिला प्रशासन की ओर से गुरुवार को आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान भीषण गर्मी और तेज धूप का असर देखने को मिला। यात्रा में शामिल कई छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। रास्ते में कुछ छात्राओं को चक्कर आने लगे, जबकि स्टेडियम पहुंचने के बाद करीब 25 से 30 छात्राओं की हालत खराब हो गई। कई छात्राएं गर्मी के कारण अचेत हो गईं।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हुई और स्टेडियम में एंबुलेंस बुलाकर बीमार छात्राओं को इलाज के लिए महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में सभी छात्राओं का उपचार शुरू किया गया।
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन की ओर से पीएम श्री जीआईसी परिसर से तिरंगा यात्रा निकाली गई थी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अन्य लोग शामिल हुए थे। यात्रा के दौरान मौसम काफी गर्म था और तेज धूप के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
यात्रा के दौरान ही कुछ छात्राओं ने कमजोरी, चक्कर और बेचैनी की शिकायत की। हालांकि, यात्रा आगे बढ़ती रही। जब छात्राएं स्टेडियम पहुंचीं तो कई की हालत अचानक बिगड़ गई। कुछ छात्राएं वहीं गिर पड़ीं और बेहोश हो गईं। इसके बाद आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत सहायता शुरू की।
मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बीमार छात्राओं को संभाला और उन्हें छांव में बैठाया गया। स्थिति गंभीर होने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया गया।
महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की इमरजेंसी में चिकित्सकों ने छात्राओं की जांच की। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश छात्राओं की तबीयत तेज धूप और गर्मी के कारण खराब हुई है। गर्मी के प्रभाव के चलते उन्हें चक्कर, कमजोरी और बेहोशी जैसी समस्या हुई।
चिकित्सकों ने बताया कि सभी छात्राओं को आवश्यक उपचार दिया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि समय पर छात्राओं को अस्पताल पहुंचाए जाने से स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और छात्राओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली। अधिकारियों ने चिकित्सकों से बातचीत कर उपचार व्यवस्था का जायजा लिया।
गर्मी के मौसम में इस तरह की घटनाओं को लेकर विशेषज्ञ लगातार सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, तेज धूप में लंबे समय तक रहने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे चक्कर आना, कमजोरी और बेहोशी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के दौरान किसी भी बड़े आयोजन में पर्याप्त पानी, छांव और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था जरूरी होती है। खासकर बच्चों और छात्र-छात्राओं को तेज धूप में लंबे समय तक खड़े रहने से बचाना चाहिए।
तिरंगा यात्रा के दौरान हुई इस घटना के बाद आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के शामिल होने वाले कार्यक्रम में मौसम को देखते हुए अतिरिक्त इंतजाम किए जाने चाहिए थे।
हालांकि, प्रशासन की ओर से तत्काल राहत और चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी छात्राओं की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
फिलहाल अस्पताल में भर्ती छात्राओं का उपचार जारी है। इस घटना ने एक बार फिर गर्मी के मौसम में आयोजित होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा और स्वास्थ्य इंतजामों की अहमियत को सामने ला दिया है।





