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- पति-पत्नी विवाद में...

आगरा। शादी के महज चार महीने बाद पति-पत्नी के रिश्ते में आई खटास अब न्यायालय तक पहुंच गई है। पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। ग्रेटर नोएडा से पारिवारिक मामले में तारीख करने आए पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने उसकी कार के टायरों की हवा निकाल दी। वहीं, दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा निवासी अंशुल चौधरी ने बताया कि उनकी शादी 30 अप्रैल 2025 को बोदला निवासी युवती से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया और मामला न्यायालय तक पहुंच गया। दोनों पक्ष अब कानूनी प्रक्रिया के जरिए मामले का समाधान कराने में जुटे हैं।
अंशुल चौधरी के मुताबिक, वह सात अगस्त को एक मामले में तारीख करने के लिए दीवानी न्यायालय पहुंचे थे। न्यायालय में प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब वह बाहर आए तो उन्होंने देखा कि उनकी कार के दो टायरों की हवा निकली हुई थी। इससे वह परेशान हो गए और उन्होंने मामले की जानकारी लेने की कोशिश की।
पति का आरोप है कि इसी दौरान उनकी पत्नी अपने पिता और दो अन्य लोगों के साथ वहां पहुंच गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्नी और उसके साथ आए लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज की और हमला करने का प्रयास किया। अंशुल का कहना है कि इस घटना के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं, इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। पति ने जहां पत्नी और उसके परिवार पर उत्पीड़न व विवाद बढ़ाने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरे पक्ष की ओर से भी पति के खिलाफ आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। फिलहाल पूरा मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि शादी के कुछ ही समय बाद पति-पत्नी के बीच मतभेद शुरू हो गए थे। सामान्य विवाद धीरे-धीरे गंभीर रूप लेने लगा और दोनों पक्षों ने न्यायालय का सहारा लिया। अब मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, वैवाहिक विवादों में दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ही अदालत किसी निष्कर्ष पर पहुंचती है। ऐसे मामलों में आरोप-प्रत्यारोप के बीच साक्ष्यों और तथ्यों का महत्व सबसे अधिक होता है।
घटना के बाद न्यायालय परिसर में भी कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि, वहां मौजूद लोगों ने मामले को संभालने का प्रयास किया। इस तरह के विवादों में अक्सर परिवार और समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि कई बार आपसी बातचीत से भी समाधान निकाला जा सकता है।
पारिवारिक विवादों में बढ़ती कानूनी लड़ाई के बीच विशेषज्ञ लगातार सलाह देते हैं कि पति-पत्नी को आपसी मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास करना चाहिए। हालांकि, जब विवाद गंभीर हो जाते हैं तो कानूनी रास्ता अपनाना पड़ता है।
फिलहाल इस मामले में दोनों पक्ष अपने-अपने आरोपों के साथ सामने आए हैं। न्यायालय में चल रही प्रक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और किस पक्ष के आरोप कितने सही हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि कई बार वैवाहिक रिश्तों में छोटे विवाद भी समय के साथ गंभीर रूप ले लेते हैं। शादी के कुछ ही महीनों बाद न्यायालय तक पहुंचे इस मामले में अब सभी की नजर अदालत की आगे की कार्रवाई पर है।





