उत्तर प्रदेश

यूपी में छात्रवृत्ति प्रक्रिया हुई तेज, 2026-27 के लिए आवेदन से बैंक खाते तक तय हुई पूरी समय-सारिणी

Gulabi Jagat
24 July 2026 4:30 PM IST
यूपी में छात्रवृत्ति प्रक्रिया हुई तेज, 2026-27 के लिए आवेदन से बैंक खाते तक तय हुई पूरी समय-सारिणी
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Lucknow। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 की छात्रवृत्ति प्रक्रिया को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पूर्वदशम (कक्षा 9-10) और दशमोत्तर (कक्षा 11-12 तथा उच्च शिक्षा) छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए विस्तृत समय-सारिणी जारी कर दी है। इसके तहत आवेदन, दस्तावेजों की जांच, सत्यापन, स्क्रूटनी और छात्रवृत्ति राशि के भुगतान तक प्रत्येक चरण के लिए निश्चित समय सीमा निर्धारित की गई है।

समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से जारी शासनादेश में छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति पाने के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से तेजी से पूरी हो सके।

योगी सरकार के अनुसार, छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ प्रदेश के अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र विद्यार्थियों को दिया जाएगा। सरकार ने इस बार आवेदन से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को पहले से अधिक व्यवस्थित करने की तैयारी की है, जिससे किसी भी स्तर पर देरी और गड़बड़ी की संभावना कम हो सके।

जारी कार्यक्रम के अनुसार, 22 जुलाई 2026 से 5 अगस्त 2026 तक प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अपना मास्टर डाटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इस मास्टर डाटा में विद्यालय से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे मान्यता की स्थिति, छात्र संख्या, सीटों का विवरण और अन्य आवश्यक सूचनाएं दर्ज करनी होंगी।

मास्टर डाटा अपलोड होने के बाद संबंधित विभागीय अधिकारी इसकी जांच करेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक और अन्य सक्षम अधिकारी विद्यालयों की मान्यता, सीटों और उपलब्ध कराई गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। इसके अलावा अल्पसंख्यक वर्ग के निजी विद्यालयों के लिए पोर्टल पर आवश्यक मार्किंग की प्रक्रिया भी तय समय सीमा में पूरी की जाएगी।

सरकार ने यह व्यवस्था इसलिए की है ताकि छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी शिक्षण संस्थानों का रिकॉर्ड सही और अपडेट रहे। इससे विद्यार्थियों के आवेदन के दौरान आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं को कम किया जा सकेगा।

छात्रवृत्ति योजना के तहत विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद संबंधित शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों के दस्तावेजों और पात्रता की जांच करेंगे। इसके बाद जिला स्तर पर सत्यापन और स्क्रूटनी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सभी चरणों में सही पाए जाने वाले विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि को सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली यानी पीएफएमएस (Public Financial Management System) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा।

सरकार ने डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। इसके तहत छात्रवृत्ति की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचाई जाएगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार लंबे समय से छात्रवृत्ति योजनाओं को ऑनलाइन और डिजिटल प्रक्रिया से जोड़ने पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक कारणों से उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

छात्रवृत्ति योजनाएं खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। फीस, किताबों और अन्य शैक्षणिक खर्चों में छात्रवृत्ति सहायता मिलने से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलती है।

सरकार का कहना है कि नई समय-सारिणी लागू होने से पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही तय होगी। अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों को निर्धारित समय के भीतर अपने स्तर की कार्रवाई पूरी करनी होगी। इससे विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ समय पर मिलने की संभावना बढ़ेगी।

योगी सरकार की यह पहल प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को सहायता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी संबंधित विभागों और शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी होगी कि वे तय समय सीमा के अनुसार प्रक्रिया पूरी करें, ताकि लाखों छात्र-छात्राओं को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके।

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