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- सरयू का कहर देवार में...

देवरिया। सरयू नदी का बढ़ता जलस्तर देवार क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। नदी के उफान के कारण कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है। परसिया देवार के दशरसरिया टोले में हालात इतने खराब हैं कि लोग दिन के समय भी मोमबत्ती की रोशनी में खाना बनाने को मजबूर हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। चारों ओर अंधेरा छाया हुआ है। वहीं, घरों और आसपास जमा पानी के कारण सांप-बिच्छुओं जैसे जहरीले जीवों का खतरा भी बढ़ गया है।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू
गुरुवार को थाना घाट गेज पर सरयू नदी का जलस्तर 67.20 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 66.50 मीटर से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर है।
नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण सरयू नदी में लगातार पानी बढ़ रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन बाढ़ प्रभावित परिवारों की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं।
घरों में घुसा बाढ़ का पानी
परसिया देवार के दशरसरिया टोले में बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है।
लोगों का कहना है कि पानी भरने के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो गए हैं। खाना बनाने, पीने के पानी की व्यवस्था और बच्चों की पढ़ाई जैसी जरूरी गतिविधियां भी मुश्किल हो गई हैं।
बिजली नहीं होने के कारण लोग दिन में भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
मोमबत्ती की रोशनी में गुजर रहा जीवन
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि बिजली आपूर्ति बंद होने से घरों में अंधेरा रहता है।
मोहन चौहान, जनक चौहान और विजय बहादुर राजभर ने बताया कि दो दिन पहले नदी का पानी कुछ कम हुआ था, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली थी।
लेकिन इसके बाद फिर से जलस्तर बढ़ने लगा और हालात दोबारा खराब हो गए।
उन्होंने बताया कि बिजली नहीं होने के कारण दिन में भी घरों के अंदर अंधेरा रहता है। शाम होते ही लोग पशुओं को चारा देकर जल्दी सोने चले जाते हैं।
बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा असर
बाढ़ के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, बिजली नहीं होने और घरों में पानी भरने के कारण बच्चे ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।
कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। पानी भरने के कारण कामकाज प्रभावित हुआ है और कमाई के साधन कम हो गए हैं।
पशुओं की देखभाल भी बनी चुनौती
देवार क्षेत्र के लोगों के लिए पशुओं को सुरक्षित रखना भी बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी के बीच पशुओं के लिए चारा जुटाना मुश्किल हो रहा है। शाम के समय उन्हें सबसे पहले पशुओं के खाने की व्यवस्था करनी पड़ती है।
इसके बाद परिवार के लोग खुद के लिए जरूरी इंतजाम करते हैं।
सांप-बिच्छुओं का बढ़ा खतरा
बाढ़ के पानी के साथ जहरीले जीवों का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी भरने के कारण सांप और बिच्छू घरों के आसपास पहुंच रहे हैं। इससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा और राहत के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
नेपाल की बारिश से बढ़ी मुश्किल
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर सरयू नदी के जलस्तर पर पड़ रहा है।
पहाड़ों से आने वाले पानी के कारण नदी का प्रवाह बढ़ गया है और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
राहत की उम्मीद में ग्रामीण
बाढ़ प्रभावित परिवार प्रशासन से राहत और सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि बिजली व्यवस्था जल्द बहाल की जाए, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जाएं।
सरयू नदी का जलस्तर लगातार निगरानी में है। फिलहाल देवार क्षेत्र के लोग बाढ़ के बीच कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। बिजली संकट, जलभराव और रोजगार की समस्या ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं।





