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Saharanpur कोर्ट का फैसला, नशीली दवा तस्कर को जेल भेजा

Saharanpur सहारनपुर : नशा तस्करी के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए एक आरोपी को दोषी करार दिया है। सहारनपुर की अदालत ने नशीली दवाओं की तस्करी के दोषी मोहन उर्फ मोनू निवासी शिमलाना थाना बड़गांव को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह मामला थाना नानौता क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, उप निरीक्षक मुकेश कुमार ने 24 जून 2022 को थाना नानौता में तहरीर देकर बताया था कि वह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान पुलिस टीम नानौता क्षेत्र में कानूनगोयान और अफगानान से शामली की ओर जाने वाले मार्ग पर मधुसूदन डेयरी के रास्ते पर मौजूद थी।
चेकिंग के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस टीम को देखकर वह व्यक्ति घबराकर डेयरी वाले रास्ते की ओर तेजी से जाने लगा। पुलिसकर्मियों को शक होने पर उसका पीछा किया गया और कुछ दूरी पर उसे पकड़ लिया गया।
पूछताछ करने पर पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम मोहन उर्फ मोनू निवासी गांव शिमलाना थाना बड़गांव बताया। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास से नशीली दवाओं की 1200 गोलियां बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार, बरामद गोलियों का वजन किया गया तो एक गोली का वजन करीब 0.11 ग्राम पाया गया।
पुलिस ने आरोपी से बरामद दवाओं के संबंध में वैध दस्तावेज और लाइसेंस मांगा, लेकिन वह कोई प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। इसके बाद मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-12 निशांत देव की अदालत में शुरू हुई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने मामले से जुड़े साक्ष्य और गवाह पेश किए। अदालत ने सभी दस्तावेजों, पुलिस की कार्रवाई और गवाहों के बयानों का अवलोकन किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मोहन उर्फ मोनू को नशीली दवाओं की तस्करी का दोषी पाया।
अदालत ने दोषी को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट के इस फैसले के बाद पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इसे नशे के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
गौरतलब है कि जिले में नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। नशा तस्करी से जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ अदालतों में भी प्रभावी पैरवी की जा रही है, ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





