- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- Ram Temple मुद्दे पर...
Ram Temple मुद्दे पर गीत वायरल, पुराने बयानों पर उठे सवाल

Ayodhya अयोध्या : राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच सोशल मीडिया पर एक गीत तेजी से वायरल हो रहा है। यह गीत रामभक्तों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। गीत के बोल “मंदिर भी हमारा और दान भी हमारा, समझ रहे हैं इरादा हम तुम्हारा” लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। गीत में चंदा चोरी के आरोपों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सवाल उठाए गए हैं और विपक्ष पर तीखे हमले किए गए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप, फेसबुक और अन्य माध्यमों पर तेजी से साझा किए जा रहे इस गीत में राम मंदिर आंदोलन, राम जन्मभूमि विवाद और मंदिर निर्माण से जुड़े घटनाक्रमों का जिक्र किया गया है। गीत के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि राम मंदिर और चढ़ावे से जुड़े मामलों का जवाब रामभक्त खुद देंगे।
राम मंदिर चंदा विवाद पर वायरल गीत रामभक्तों के लिए बना संजीवनी, वायरल गीत में विपक्ष के पुराने रुख का हवाला देकर किए गए तीखे सवाल https://t.co/gsBfGzo52q#RamMandirControversy #ViralSongForRamBhakts #ViralQuestioningOpposition #ChandaDisputeViral #SanvidaForRamBhakts
— Royal Bulletin (@RoyalBulletin) July 9, 2026
गीत के बोलों में विपक्षी दलों और नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि जिन लोगों ने कभी भगवान राम के अस्तित्व और राम जन्मभूमि आंदोलन को लेकर सवाल उठाए थे, वही अब मंदिर के चढ़ावे को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। गीत में विपक्ष को "रामद्रोही" बताते हुए आरोप लगाया गया है कि उसे इस मुद्दे पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है।
वायरल गीत में राम मंदिर निर्माण के लिए हुए लंबे संघर्ष, न्यायालय में चली सुनवाई और आंदोलन से जुड़े विषयों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि मंदिर निर्माण करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और इससे जुड़े मामलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
गीत के समर्थक इसे रामभक्तों की भावनाओं और विपक्ष के आरोपों का जवाब बता रहे हैं। रामभक्त मनीष शुक्ल का कहना है कि यह गीत उन लोगों के लिए एक जवाब है, जो मंदिर और आस्था से जुड़े विषयों पर सवाल उठा रहे हैं। उनका दावा है कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की श्रद्धा का प्रतीक है और इसके खिलाफ किसी भी तरह की टिप्पणी को भक्त स्वीकार नहीं करेंगे।
वहीं, दूसरी ओर कुछ लोग इसे राजनीतिक ध्रुवीकरण का प्रयास भी बता रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाने से समाज में मतभेद बढ़ सकते हैं। गीत वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पक्ष और विपक्ष के समर्थकों के बीच बहस तेज हो गई है।
पत्रकारों ने भी रखी राय
वरिष्ठ पत्रकार सियाराम पांडेय ने कहा कि अयोध्या श्रीराम मंदिर से जुड़ी कोई भी अनियमितता या विवाद चिंता का विषय है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, लेकिन इसकी आड़ में अयोध्या, श्रीराम मंदिर या भारतीय संस्कृति पर हमला करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच वायरल हो रहा यह गीत एक नए राजनीतिक नैरेटिव के रूप में भी देखा जा रहा है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर यह गीत तेजी से फैल रहा है और इसे लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां एक वर्ग इसे रामभक्तों की भावनाओं की अभिव्यक्ति बता रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे राजनीतिक संदेश देने वाला प्रयास मान रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना रह सकता है।





