उत्तर प्रदेश

बलिया में नदी का कहर, एक रात में उजड़े 9 परिवार

Saba Naaz
31 July 2026 7:40 PM IST
बलिया में नदी का कहर, एक रात में उजड़े 9 परिवार
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बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सरयू नदी के तेज कटान ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दियरांचल क्षेत्र में नदी का रौद्र रूप लगातार देखने को मिल रहा है। तेज पुरवाई हवा के कारण नदी की धारा और आक्रामक हो गई है, जिससे गोपाल नगर टाड़ी गांव में एक ही रात में नौ लोगों के आशियाने नदी में समा गए। अचानक हुई इस तबाही से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है और कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।

कटान की चपेट में आने से 24 घंटे के भीतर जिन ग्रामीणों के मकान नदी में विलीन हुए हैं, उनमें झलखू यादव, उदय यादव, काशीनाथ यादव, सोमारू यादव, रोशन यादव, चंदन यादव, श्याम बिहारी यादव, पशुपति यादव और दीपक यादव शामिल हैं। इन परिवारों के सामने अब रहने और जीवनयापन की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

वहीं, गांव के कई अन्य मकान भी अभी कटान के मुहाने पर खड़े हैं। शंभूनाथ यादव, ललन यादव, मकरध्वज यादव, परशुराम यादव, सुदर्शन यादव और लालजी यादव के घरों पर भी नदी का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटान की रफ्तार नहीं रुकी तो आने वाले दिनों में कई और परिवार बेघर हो सकते हैं।

सरयू नदी के कटान का असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहा है। गुरुवार देर रात प्राथमिक विद्यालय गोपाल नगर टाड़ी का बचा हुआ हिस्सा भी नदी में समा गया। इसके साथ ही विद्यालय का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो गया। हालांकि, कटान की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही विद्यालय को जूनियर हाईस्कूल गोपाल नगर परिसर में स्थानांतरित कर दिया था, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब सरयू नदी ने इस इलाके में तबाही मचाई है। करीब दो वर्ष पहले भी कई परिवारों के मकान नदी में समा गए थे। विस्थापित ग्रामीणों ने करीब एक किलोमीटर दूर जाकर दोबारा अपने घर बनाए थे, लेकिन अब नदी ने उन नए आशियानों को भी निगल लिया है। इससे प्रभावित परिवारों के सामने दोहरी परेशानी खड़ी हो गई है।

कटान की गंभीर स्थिति को देखते हुए बिजली विभाग ने भी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। विभाग ने गोपाल नगर टाड़ी क्षेत्र में लगे बिजली के खंभे और तार हटाने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि बिजली लाइन पानी के संपर्क में आती है तो बड़ा हादसा हो सकता है।

उधर, ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। उनका आरोप है कि कटान रोकने के लिए किए गए कार्यों में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण आज कई परिवारों को अपना घर गंवाना पड़ा है। ग्रामीणों ने कटान रोकने की मांग को लेकर शनिवार को बैरिया तहसील पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।

प्रशासन की ओर से कटान पीड़ितों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। उप जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित परिवारों को गृह अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है और उन्हें दोबारा बसाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। लेखपाल की रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक सप्ताह में करीब 32 बीघा जमीन सरयू नदी में समाहित हो चुकी है।

फिलहाल प्रशासन और ग्रामीण दोनों ही नदी के बढ़ते कटाव पर नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत उपलब्ध कराने की कोशिश जारी है। लेकिन सरयू नदी की तेज धारा ने इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है और ग्रामीणों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है।

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