उत्तर प्रदेश

Jobs और पेपर लीक मुद्दे पर राजभर ने घेरा अखिलेश को

Ratna Netam
22 July 2026 3:13 PM IST
Jobs  और पेपर लीक मुद्दे पर राजभर ने घेरा अखिलेश को
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी और योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बीच जुबानी जंग लगातार जारी है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने बुधवार को एक बार फिर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव पर शिक्षा व्यवस्था, सरकारी नौकरियों और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर सवाल उठाए।

ओपी राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को अपनी सरकार के कार्यकाल को भी याद करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के समय शिक्षा व्यवस्था की स्थिति खराब थी और परीक्षाओं में नकल व भ्रष्टाचार का बोलबाला था।

राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा कि पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन करने और गिरफ्तारी देने से पहले अखिलेश यादव को अपनी सरकार के समय की व्यवस्थाओं को याद करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में स्कूलों में खुलेआम नकल होती थी और परीक्षा व्यवस्था को धंधा बना दिया गया था।

मंत्री ने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रश्न पत्र पैसे लेकर बेचे जाते थे और फर्जी प्रमाण पत्र बनाए जाते थे। उन्होंने सरकारी नौकरियों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। राजभर ने कहा कि उस समय नौकरी की प्रक्रिया में भेदभाव होता था और केवल कुछ खास वर्गों को फायदा मिलता था।

ओपी राजभर ने अपने बयान में कहा कि सरकारी नौकरी की गाइडलाइन जारी होते ही चाचा-भतीजा वसूली के लिए निकल जाते थे। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों को लेकर कोई विस्तृत प्रमाण पेश नहीं किया। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है।

राजभर ने अखिलेश यादव और सपा नेताओं पर छात्रों और युवाओं के मुद्दों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा केवल माहौल बनाने और सत्ता हासिल करने के लिए युवाओं को आंदोलन में शामिल कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मुद्दे पर बोलने का अधिकार उन लोगों को नहीं है, जिनके शासनकाल में शिक्षा व्यवस्था खराब रही।

अपने पोस्ट में राजभर ने सपा नेता धर्मेंद्र यादव का भी जिक्र किया और उनकी शिक्षा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतिहास उठाकर देखने की जरूरत है और दावा किया कि कुछ नेताओं की योग्यता को लेकर भी सवाल हैं। राजभर ने कहा कि सपा की ओर से किए जा रहे आंदोलन और छात्रों के समर्थन को वह ईमानदार प्रयास नहीं मानते।

इससे पहले भी ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा था। उन्होंने अपराध के मुद्दे पर सपा को घेरते हुए कहा था कि प्रदेश में होने वाली कई घटनाओं में सपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आते हैं। उन्होंने सवाल किया था कि पार्टी ऐसे लोगों को अपने साथ क्यों रखती है।

वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से अभी इस बयान पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, सपा और भाजपा गठबंधन के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दल एक-दूसरे पर हमलावर नजर आ रहे हैं।

ओपी राजभर के ताजा बयान ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में सियासी गर्मी बढ़ा दी है। जहां राजभर सपा सरकार के पुराने कार्यकाल को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं विपक्षी दल मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करते रहे हैं। अब देखना होगा कि इस बयान पर सपा की ओर से क्या जवाब आता है।

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