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Rain का पानी बना मौत का कारण, गाजियाबाद में मासूम की डूबने से दर्दनाक मौत

Ghaziabad गाजियाबाद : बारिश के बाद जलभराव की समस्या अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के मोहिनुद्दीनपुर ढबारसी गांव में जलनिकासी व्यवस्था की बदहाली ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। पानी से भरे गड्ढे में डूबने से 9 वर्षीय मासूम शाद की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
जानकारी के अनुसार, मोहिनुद्दीनपुर ढबारसी गांव निवासी शादाब का 9 वर्षीय बेटा शाद बारिश के बाद रास्ते से गुजर रहा था। बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण इलाके में भारी जलभराव हो गया था। इसी दौरान अचानक बच्चे का पैर फिसल गया और वह पास में पानी से भरे एक प्लॉटिंग क्षेत्र में जा गिरा।
मौके पर मौजूद लोगों ने बच्चे को पानी से बाहर निकालने के लिए तुरंत प्रयास शुरू किए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद मासूम को बाहर निकाला और उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।
जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि गांव में जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। बारिश के दौरान जगह-जगह पानी भर जाता है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि नाले पर कथित अतिक्रमण के कारण बारिश का पानी सही तरीके से नहीं निकल पाता और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन जाती है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मासूम शाद की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक छोटी सी लापरवाही और खराब जलनिकासी व्यवस्था के कारण परिवार ने अपना बेटा खो दिया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घटना की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही गांव में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटना दोबारा न हो।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई। स्थानीय स्तर पर घटना की जांच की जा रही है। अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
बारिश के मौसम में लगातार सामने आ रही जलभराव की घटनाओं ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाती तो शायद एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी।





