उत्तर प्रदेश

Tinnu यादव के बयानों से उठे सवाल, अनिल मिश्रा की भूमिका की हो रही जांच

Ratna Netam
23 July 2026 9:56 PM IST
Tinnu   यादव के बयानों से उठे सवाल, अनिल मिश्रा की भूमिका की हो रही जांच
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अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चढ़ावा चोरी मामले की जांच को लेकर नई एसआईटी के गठन की चर्चाओं के बीच पुलिस जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले में अब पूर्व ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाले जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अभी तक चढ़ावा चोरी के मामले में उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।

सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारी मामले से जुड़े सभी पहलुओं को समझने के लिए विभिन्न माध्यमों से जानकारी जुटाने में लगे हैं। इसी कड़ी में डॉ. अनिल मिश्रा के मोबाइल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मामले से जुड़े लोगों के बीच किस तरह का संपर्क रहा और घटनाक्रम से जुड़े कौन-कौन से तथ्य सामने आ सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक, कस्टडी रिमांड के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से हुई पूछताछ में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने डॉ. अनिल मिश्रा की कार्यप्रणाली को लेकर कई बातें पुलिस को बताई थीं। पूछताछ के दौरान लगाए गए आरोपों और दिए गए बयानों के आधार पर पुलिस अब तथ्यों का सत्यापन करने में जुटी है।

सूत्र बताते हैं कि पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मोबाइल रिकॉर्ड, संपर्क सूत्रों और आरोपियों के बयानों के बीच तालमेल बैठाने की कोशिश की जा रही है, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

चढ़ावा चोरी मामले को लेकर पहले से ही जांच चल रही है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा किया गया है। अब जांच एजेंसियां उन सभी लोगों की भूमिका की समीक्षा कर रही हैं, जिनके नाम किसी न किसी रूप में जांच के दौरान सामने आए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जांच प्रक्रिया को और गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है। नई एसआईटी के गठन की संभावना के बीच पुलिस और जांच एजेंसियां पुराने रिकॉर्ड, दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

गौरतलब है कि चढ़ावा चोरी का मामला धार्मिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर संवेदनशील माना जा रहा है। इसी वजह से जांच में पूरी पारदर्शिता बरतने की कोशिश की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब जांच एजेंसियों पर भी जल्द और निष्पक्ष तरीके से मामले की तह तक पहुंचने की जिम्मेदारी बढ़ गई है।

फिलहाल डॉ. अनिल मिश्रा के मोबाइल सीडीआर की जांच और आरोपियों के बयानों के आधार पर जुटाए जा रहे तथ्यों को जांच प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में एसआईटी गठन और जांच की दिशा को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

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