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उत्तर प्रदेश
मेटा का अलर्ट मिलते ही पुलिस की तत्परता से बची युवक की जान
Rajeshwari Nishad
24 Oct 2026 2:08 PM IST

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गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो ने पुलिस को सतर्क कर दिया और समय रहते एक युवक की जान बचा ली गई। प्रेमिका से विवाद और बातचीत बंद होने के कारण मानसिक तनाव से गुजर रहे युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में उसने अपने माता-पिता के लिए भावुक संदेश दिया और जीवन समाप्त करने की बात कही थी। पोस्ट की जानकारी मिलते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा ने उत्तर प्रदेश पुलिस को अलर्ट भेजा। इसके बाद धानेपुर थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक का पता लगाया और उसे सुरक्षित बचा लिया।
यह घटना 21 अक्टूबर 2026 की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, युवक की उम्र लगभग 22 वर्ष है। वह बिहार का मूल निवासी बताया गया है और गोंडा के धानेपुर थाना क्षेत्र में रहकर काम करता है। पुलिस ने युवक की काउंसलिंग की और उसे मानसिक तनाव से बाहर निकलने के लिए परिवार तथा भरोसेमंद लोगों का सहयोग लेने की सलाह दी।
प्रेमिका से बातचीत बंद होने पर तनाव में था युवक
पुलिस के मुताबिक, युवक एक युवती के साथ प्रेम संबंध में था। कुछ समय पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद युवती ने उससे बातचीत बंद कर दी थी।इस घटनाक्रम से युवक मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से तनाव में था और अपनी परेशानी किसी से खुलकर साझा नहीं कर पा रहा था।इसी मानसिक स्थिति में उसने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया। वीडियो में युवक ने अपने माता-पिता के लिए भावुक संदेश दिया और खुद को अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार बताया।पोस्ट में आत्महत्या से संबंधित संकेत मिलने के बाद मेटा के सुरक्षा तंत्र ने पुलिस को सूचना दी। यह अलर्ट युवक तक समय पर सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
मेटा से पुलिस मुख्यालय को मिला अलर्ट
जानकारी के अनुसार, 21 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजकर 33 मिनट पर मेटा की ओर से उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर को ईमेल के माध्यम से अलर्ट भेजा गया।सूचना में संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट और युवक तक पहुंचने के लिए उपलब्ध जानकारी साझा की गई थी।पुलिस मुख्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल गोंडा पुलिस को सूचित किया। इसके बाद धानेपुर थाना पुलिस को युवक तक पहुंचने के निर्देश दिए गए।पुलिस अधिकारियों ने मामले को आपात स्थिति मानते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की। संबंधित युवक की पहचान और उपलब्ध लोकेशन की सहायता से पुलिस टीम उसके घर तक पहुंची।
सात मिनट के भीतर युवक तक पहुंची पुलिस
रिपोर्टों के मुताबिक, धानेपुर थाने की पुलिस टीम सूचना मिलने के लगभग सात मिनट के भीतर युवक तक पहुंच गई।इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक धर्मेंद्र यादव, आरक्षी अनुभव चौहान और आरक्षी सतेंद्र यादव शामिल थे।पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर युवक की सुरक्षा सुनिश्चित की और उसके पास मौजूद संभावित खतरनाक सामग्री को हटा दिया।इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उससे शांतिपूर्वक बातचीत की और उसकी परेशानी समझने का प्रयास किया।पुलिस की तत्परता के कारण युवक को आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया गया। घटना के बाद उसके परिजनों को भी स्थिति की जानकारी दी गई।
काउंसलिंग में सामने आई प्रेम संबंध की परेशानी
धानेपुर थाना प्रभारी विपुल पांडेय के मुताबिक, युवक से बातचीत करने पर पता चला कि वह प्रेमिका के साथ विवाद और बातचीत बंद होने से परेशान था।पुलिस ने उससे अन्य समस्याओं के बारे में भी पूछा, लेकिन युवक ने किसी दूसरी परेशानी से इनकार किया।पुलिसकर्मियों ने उसे समझाया कि जीवन में आने वाली परेशानियों का समाधान आत्महत्या नहीं है। कठिन परिस्थितियों में परिवार, दोस्तों और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से मदद लेना जरूरी है।काउंसलिंग के बाद युवक ने भविष्य में इस प्रकार का कदम नहीं उठाने का मौखिक आश्वासन दिया। हालांकि, मानसिक तनाव से जूझ रहे व्यक्ति के लिए निरंतर सहयोग और जरूरत के अनुसार पेशेवर परामर्श भी महत्वपूर्ण होता है।
मेटा और उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष व्यवस्था
उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा के बीच आत्महत्या से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था संचालित है।इस व्यवस्था के तहत फेसबुक या इंस्टाग्राम पर किसी व्यक्ति के आत्महत्या के जोखिम से जुड़े संकेत सामने आने पर मेटा पुलिस को अलर्ट भेज सकता है।इसके बाद पुलिस मुख्यालय का सोशल मीडिया सेंटर उपलब्ध जानकारी के आधार पर संबंधित व्यक्ति का पता लगाने और स्थानीय पुलिस को सूचित करने का काम करता है।इसका उद्देश्य संकट में मौजूद व्यक्ति तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाना और उसे सुरक्षित रखना है।पुलिस के अनुसार, इस व्यवस्था से प्रदेश में कई लोगों तक समय रहते सहायता पहुंचाई जा चुकी है।
मुरादाबाद में भी बचाई गई युवक की जान
गोंडा के अलावा 21 अक्टूबर को मुरादाबाद जिले में भी इसी तरह का मामला सामने आया था।डिलारी थाना क्षेत्र के एक 19 वर्षीय युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित वीडियो साझा किया था। मेटा से अलर्ट मिलने के बाद पुलिस टीम लगभग आठ मिनट में उसके घर पहुंच गई।पुलिस ने युवक को सुरक्षित किया और उससे बातचीत कर उसकी परेशानी समझी।बताया गया कि युवक भी प्रेम संबंधों से जुड़ी समस्याओं के कारण मानसिक तनाव में था।दोनों घटनाओं में सोशल मीडिया अलर्ट और पुलिस की तत्काल प्रतिक्रिया ने अहम भूमिका निभाई।
सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट दिखे तो न करें नजरअंदाज
सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति की आत्महत्या से संबंधित पोस्ट या वीडियो दिखाई दे तो उसे गंभीरता से लें।उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस या संबंधित सहायता सेवाओं को सूचित करना चाहिए।मानसिक तनाव से परेशान व्यक्ति की बात ध्यान से सुनना, उसके साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करना और उसे अकेला महसूस नहीं होने देना महत्वपूर्ण है।विशेषज्ञों के अनुसार, आत्महत्या से संबंधित चेतावनी संकेतों को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। समय रहते उचित सहायता मिलने से गंभीर परिस्थितियों को टाला जा सकता है।
पुलिस की तत्परता की हो रही सराहना
गोंडा में सामने आई इस घटना ने दिखाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की तकनीक और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया मिलकर संकट में फंसे व्यक्ति की मदद कर सकती हैं।जहां सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो से संभावित खतरे का संकेत मिला, वहीं पुलिसकर्मियों की सक्रियता से युवक तक समय पर सहायता पहुंच सकी।
इस मामले में धानेपुर पुलिस की कार्रवाई की सराहना की जा रही है। घटना यह संदेश भी देती है कि मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय समय पर मदद मांगना और दूसरों के संकट के संकेतों को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है।
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