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PM के संसदीय क्षेत्र में अटकी योजनाएं, बढ़ी लोगों की चिंता

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सीवर और पेयजल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएं प्रशासनिक लापरवाही के कारण अधर में लटक गई हैं। योजनाओं की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) समय पर शासन को नहीं भेजे जाने से विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। इसका सीधा असर शहर की करीब 4 लाख आबादी पर पड़ सकता है, जिन्हें जर्जर पाइपलाइन, कम पानी के दबाव और दूषित पेयजल जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम की समीक्षा बैठक में यह मामला सामने आने के बाद मेयर अशोक कुमार तिवारी ने अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को जल्द से जल्द लंबित डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि योजनाओं को मंजूरी मिल सके और काम शुरू कराया जा सके।
बैठक में बताया गया कि सीवर और पेयजल से जुड़ी कई योजनाओं की डीपीआर तय समय सीमा के अंदर शासन को भेजी जानी थी, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। डीपीआर लंबित होने के कारण नई पाइपलाइन बिछाने, सीवर नेटवर्क सुधारने और अन्य विकास कार्यों को मंजूरी मिलने में देरी हो रही है। इस देरी के चलते फिलहाल शहर के कई इलाकों में लोगों को पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों पर निर्भर रहना पड़ेगा। कई स्थानों पर पाइपलाइन लीकेज, पानी की कम सप्लाई और दूषित पानी की शिकायतें सामने आती रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते योजनाओं पर काम शुरू नहीं हुआ तो इसका असर शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। सीवर व्यवस्था में सुधार नहीं होने से जलभराव, सीवर ओवरफ्लो और गंदगी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इससे वाराणसी की स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मेयर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने नगर निगम की विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। डीपीआर तैयार करने में देरी पर मेयर ने जल निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और निर्देश दिया कि 23 सितंबर तक हर हाल में रिपोर्ट शासन को भेजी जाए।
मेयर ने मणिकर्णिका घाट और नमो घाट स्थित सीवेज पंपिंग स्टेशनों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि घाटों पर सीवर ओवरफ्लो जैसी समस्याएं नहीं होनी चाहिए और इसके लिए नियमित निगरानी जरूरी है। बैठक में रामनगर, सूजाबाद-डोमरी और रोहनिया क्षेत्र की पेयजल और सीवर परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि रामनगर क्षेत्र में नई पेयजल और सीवर लाइन बिछाने की योजना तैयार की जा रही है। वहीं, सूजाबाद-डोमरी क्षेत्र में भी नई पेयजल लाइन बिछाने की तैयारी चल रही है।
रोहनिया क्षेत्र में ओवरहेड टैंक के कनेक्शन का काम लंबित मिलने पर मेयर ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को सभी लंबित कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने और डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। मेयर ने बताया कि 1 सितंबर से नगर निगम की टीमें सभी वार्डों में जाकर लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक करेंगी। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों की तीन शिफ्ट में तैनाती और नियमित निगरानी की जाएगी।
नगर निगम का लक्ष्य है कि स्वच्छता अभियान को और प्रभावी बनाया जाए और वाराणसी की स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग को बेहतर किया जा सके। हालांकि, सीवर और पेयजल योजनाओं में हो रही देरी ने शहर के विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि लंबित योजनाओं को जल्द पूरा कर लोगों को राहत पहुंचाई जाए।





