उत्तर प्रदेश

UP में कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज, भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस

Kavita2
8 July 2026 9:44 AM IST
UP में कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज, भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस
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मेरठ: उत्तर प्रदेश में आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष यात्रा के दौरान सबसे अधिक जोर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण पर दिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस बार कांवड़ यात्रा के संचालन में महाकुंभ के दौरान अपनाए गए भीड़ प्रबंधन मॉडल का उपयोग किया जाएगा, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित की जा सके।

इसी क्रम में मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर ने कांवड़ यात्रा को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में विशेष रूप से कांवड़ और डीजे (साउंड सिस्टम) के आकार, ध्वनि स्तर और संचालन संबंधी नियमों का उल्लेख किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

कांवड़ और डीजे की ऊंचाई पर तय की गई सीमा

जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कांवड़ और उसके साथ चलने वाले डीजे या अन्य संरचनाओं की ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। वहीं इनकी अधिकतम चौड़ाई 12 फीट निर्धारित की गई है। प्रशासन का मानना है कि निर्धारित सीमा से अधिक ऊंचाई या चौड़ाई होने पर बिजली की लाइनों, पुलों और अन्य संरचनाओं के नीचे से गुजरने में खतरा बढ़ सकता है, जिससे दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है।

अधिकारियों ने कहा कि निर्धारित मानकों का पालन करने से यात्रा मार्ग पर यातायात सुचारु रहेगा और भीड़ के बीच अनावश्यक अवरोध उत्पन्न नहीं होंगे।

ध्वनि प्रदूषण पर भी सख्ती

कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे और म्यूजिक सिस्टम के अत्यधिक उपयोग को देखते हुए प्रशासन ने ध्वनि स्तर को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार यात्रा में उपयोग किए जाने वाले म्यूजिक सिस्टम की आवाज अधिकतम 75 डेसीबल तक ही सीमित रहेगी।

पुलिस का कहना है कि तेज आवाज वाले डीजे से न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि आपात स्थिति में पुलिस और प्रशासन द्वारा दिए जाने वाले निर्देश भी लोगों तक नहीं पहुंच पाते। इसलिए ध्वनि सीमा का पालन अनिवार्य किया गया है।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

एडीजी भानु भास्कर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई व्यक्ति या समूह निर्धारित मानकों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा शुरू होने से पहले ही कांवड़ समितियों, डीजे संचालकों और आयोजकों को सभी नियमों की जानकारी दे दी जाए, ताकि बाद में किसी प्रकार की असुविधा या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

महाकुंभ मॉडल पर होगा भीड़ प्रबंधन

इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए महाकुंभ में अपनाई गई रणनीति का उपयोग किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार यात्रा मार्ग पर भीड़ के दबाव का लगातार आकलन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग तथा चरणबद्ध तरीके से श्रद्धालुओं की आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।

यात्रा मार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और यातायात पुलिस की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और कंट्रोल रूम के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान

प्रशासन ने बताया कि यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सहायता, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और लगातार गश्त की जाएगी।

यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विभिन्न मार्गों पर डायवर्जन प्लान भी तैयार किया जा रहा है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी पहले से उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील

पुलिस और प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों, आयोजकों और डीजे संचालकों से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित बनाने में सहयोग दें। अधिकारियों का कहना है कि नियम श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सभी श्रद्धालु निर्धारित नियमों का पालन करेंगे तो यात्रा बिना किसी बाधा के संपन्न कराई जा सकेगी।

इस वर्ष कांवड़ यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर पहले से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव मिल सके।

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