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प्रतापगढ़: कुंडा क्षेत्र में गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ई-रिक्शा और बाइक की आमने-सामने की भिड़ंत में गर्भवती महिला और उसके तीन वर्षीय बेटे की मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहा महिला का पति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मां और बेटे को मृत घोषित कर दिया।
यह हादसा गोतनी-कुंडा मार्ग पर चौसा कुटिया के पास करेंटी रोड पर हुआ। जानकारी के अनुसार, मानिकपुर थाना क्षेत्र के गोतनी गांव निवासी हरिश्चंद्र प्रजापति मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनकी 28 वर्षीय पत्नी बीनू गर्भवती थीं और कुछ ही दिनों में परिवार में नए सदस्य के आने की उम्मीद थी।
बीनू अपने नाना के घर शमसपुर हथिगवां गई थीं, जहां तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के बाद गुरुवार शाम पति हरिश्चंद्र उन्हें और तीन वर्षीय बेटे युवराज को लेकर बाइक से घर लौट रहे थे। परिवार को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
बताया जा रहा है कि बाइक पर हरिश्चंद्र के साथ उनकी पत्नी बीनू और बेटा युवराज सवार थे। जैसे ही वे करेंटी रोड स्थित चौसा कुटिया के पास पहुंचे, सामने से तेज रफ्तार में आ रहे ई-रिक्शा ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर गिर गए और काफी दूर तक घिसट गए।
हादसे में बीनू और उनके बेटे युवराज को गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद करते हुए तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बीनू और उनके तीन वर्षीय बेटे युवराज को मृत घोषित कर दिया। वहीं हरिश्चंद्र की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें प्रयागराज रेफर कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद ई-रिक्शा चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ई-रिक्शा को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। कुंडा कोतवाल मनोज पांडेय ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और फरार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
हादसे की खबर मिलते ही मृतका के परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के लोगों ने बताया कि बीनू नौ माह की गर्भवती थीं और दो-तीन दिन में ही बच्चे के जन्म की उम्मीद थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। एक साथ मां और बेटे की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।
परिजनों ने बताया कि हादसे से पहले बीनू अपनी बहन और रिश्तेदारों से मिलने के बाद ससुराल लौट रही थीं। जब वह जाने लगीं तो परिवार के लोगों ने उन्हें कुछ देर और रुकने और खाना खाकर जाने के लिए कहा था। लेकिन घर पहुंचने की जल्दी के कारण वह पति और बेटे के साथ रवाना हो गईं। किसी को नहीं पता था कि यह उनकी आखिरी विदाई होगी।
बीनू के पिता राजकुमार ने बताया कि घटना वाले दिन वह भी कुंडा बाजार से घर लौट रहे थे। रास्ते में उन्होंने बेटी की बाइक देखी और आवाज देकर रोकने की कोशिश की, लेकिन बाइक आगे निकल गई। उन्होंने बेटी के मोबाइल पर फोन भी किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। उन्हें उम्मीद थी कि घर पहुंचकर बात हो जाएगी, लेकिन कुछ ही देर बाद हादसे की खबर ने परिवार को तोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के प्रतिनिधि हरिओम शंकर श्रीवास्तव भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर पीड़ित परिवार को शासन स्तर से मिलने वाली सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
पुलिस और प्रशासन की टीम अब मामले की जांच में जुटी है। वहीं इस हादसे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया है। आने वाले बच्चे के स्वागत की तैयारी कर रहा परिवार अब मां और बेटे की मौत के गम में डूबा हुआ है।





