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चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला, विवेचना से हटाई गईं सीओ सौम्या अस्थाना

Meerut मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड मामले में पुलिस विभाग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मामले की जांच कर रहीं सीओ सौम्या अस्थाना को विवेचना से हटा दिया गया है। इसके साथ ही उनका कार्यक्षेत्र भी बदल दिया गया है। अब इस बहुचर्चित हत्याकांड की जांच की जिम्मेदारी ब्रह्मपुरी के नए सीओ रामप्रकाश को सौंपी गई है।
पुलिस विभाग के इस फैसले के बाद मामले की जांच प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, अब नए विवेचक के रूप में सीओ रामप्रकाश पूरे मामले की आगे की जांच करेंगे और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, सीओ सौम्या अस्थाना के खिलाफ विभागीय स्तर पर आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है। उन पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने हत्याकांड की जांच के दौरान आरोपियों के प्रति नरम रुख अपनाया और विवेचना में उन्हें राहत पहुंचाने का प्रयास किया। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
यह मामला उस समय और ज्यादा चर्चा में आ गया था, जब मुख्य आरोपी बताए जा रहे पीएसी सिपाही अंकित के खिलाफ लगभग 50 दिनों तक पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात सामने आई थी। इसको लेकर मृतका ललिता गौतम के परिवार और कई दलित संगठनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
परिजनों और संगठनों ने आरोप लगाया था कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की जा रही है और आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच अधिकारी को बदलने का निर्णय लिया। अब नए अधिकारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती मामले से जुड़े सभी तथ्यों की दोबारा समीक्षा करना और निष्पक्ष जांच को आगे बढ़ाना होगी।
सूत्रों के अनुसार, नए जांच अधिकारी पुराने दस्तावेजों, गवाहों के बयान, तकनीकी साक्ष्यों और अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा मामले में जिन बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं, उनकी भी जांच की जाएगी।
ललिता गौतम हत्याकांड पहले से ही पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। मामले को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच पुलिस विभाग की ओर से यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें नए जांच अधिकारी की कार्रवाई पर टिकी हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़ित परिवार और सामाजिक संगठनों ने उम्मीद जताई है कि नए अधिकारी के नेतृत्व में जांच सही दिशा में आगे बढ़ेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।





