उत्तर प्रदेश

105 साल पुराने HBTU की बिजली व्यवस्था सुधारेंगे प्रज्ञान के सुझाव

Saba Naaz
10 July 2026 8:27 PM IST
105 साल पुराने HBTU की बिजली व्यवस्था सुधारेंगे प्रज्ञान के सुझाव
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कानपुर। हर बड़ी समस्या का समाधान तकनीकी सोच और सही योजना से निकाला जा सकता है। यह बात एचबीटीयू कानपुर के दीक्षा समारोह में देखने को मिली, जहां इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के मेधावी छात्र और चांसलर गोल्ड मेडलिस्ट प्रज्ञान वर्मा ने संस्थान की बिजली आपूर्ति व्यवस्था और ऑनलाइन सिस्टम को बेहतर बनाने का रोडमैप साझा किया।

105 साल पुराने हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) के दीक्षा समारोह में इस बार केवल छात्रों की उपलब्धियों का सम्मान नहीं हुआ, बल्कि संस्थान की व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाने पर भी चर्चा हुई। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने भावी इंजीनियरों को समाज और संस्थानों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे आने की प्रेरणा दी। इसी दौरान गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले प्रज्ञान वर्मा ने दैनिक जागरण से बातचीत में कैंपस की बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए अपने सुझाव रखे।

प्रज्ञान वर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में बिजली आपूर्ति को अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाने के लिए पहले फाल्ट और पावर कट वाले क्षेत्रों की पहचान करना जरूरी है। इसके लिए छात्रों और शिक्षकों की एक विशेष टीम बनाई जा सकती है, जो हॉस्टल और परिसर के संवेदनशील हिस्सों का डेटा तैयार करे। इस डेटा के आधार पर बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्थायी समाधान तैयार किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अक्सर बिजली की समस्या अचानक सामने आती है, जिससे छात्रों की पढ़ाई और संस्थान की गतिविधियां प्रभावित होती हैं। ऐसे में पहले से तैयार बैकअप प्लान और तकनीकी निगरानी व्यवस्था जरूरी है। बिजली आपूर्ति से जुड़े सभी प्रमुख उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव से समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

गोल्ड मेडलिस्ट प्रज्ञान ने केवल बिजली व्यवस्था ही नहीं, बल्कि संस्थान की ऑनलाइन सेवाओं को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन, हॉस्टल आवंटन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और आसान बनाया जाना चाहिए। इससे छात्रों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रशासनिक कामकाज भी अधिक पारदर्शी और तेज हो सकेगा।

उन्होंने सुझाव दिया कि एक बेहतर मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया जाए, जिसमें छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो। इससे छात्रों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और समस्याओं का समाधान समय पर किया जा सकेगा।

दीक्षा समारोह में कई अन्य छात्रों ने भी अपनी उपलब्धियों से संस्थान का नाम रोशन किया। रैना दीक्षित को 15 लाख रुपये के पैकेज के साथ बेहतर करियर अवसर मिला, जबकि तनिष्का ने सरकारी सेवा में चयन हासिल किया। वहीं कुशाग्र का चयन एक्सान मोबिल में हुआ और दिग्जया को 17.3 लाख रुपये का पैकेज प्राप्त हुआ।

समारोह में मौजूद अधिकारियों ने छात्रों की उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि आज के इंजीनियरों की जिम्मेदारी केवल नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि समाज और संस्थानों की समस्याओं के समाधान में योगदान देना भी है।

प्रज्ञान वर्मा का यह सुझाव इस बात का उदाहरण है कि युवा इंजीनियर अपनी तकनीकी शिक्षा का इस्तेमाल वास्तविक समस्याओं को हल करने में कर सकते हैं। उनका बिजली आपूर्ति सुधार का रोडमैप एचबीटीयू जैसे पुराने और प्रतिष्ठित संस्थान को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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