उत्तर प्रदेश

Lalita गौतम हत्याकांड प्रदर्शन: SSP बोले- माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई

Ratna Netam
10 July 2026 8:23 PM IST
Lalita  गौतम हत्याकांड प्रदर्शन: SSP बोले- माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई
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Meerut मेरठ : बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट और थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मामले को लेकर मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस का पक्ष रखा है।

एसएसपी अविनाश पांडेय ने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों द्वारा शहर का माहौल बिगाड़ने और अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पुलिस की पहली जिम्मेदारी जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना है। इसी जिम्मेदारी के तहत पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान हालात को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास किया गया। एसएसपी के अनुसार, पुलिस ने न्यूनतम बल प्रयोग किया और पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में पुलिस का उद्देश्य किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि शांति व्यवस्था बनाए रखना होता है।

वायरल वीडियो में अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट के मामले पर एसएसपी ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी पुलिसकर्मी या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा रही है।

गौरतलब है कि बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। वहीं, प्रदर्शन में शामिल लोगों, विपक्षी दलों, किसान संगठनों और कुछ अधिवक्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अनुचित बताया है।

वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होगा और जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

एसएसपी अविनाश पांडेय ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी वायरल वीडियो या अपुष्ट जानकारी के आधार पर भ्रमित न हों। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर चल रहा विरोध और पुलिस कार्रवाई का विवाद दोनों ही प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं। पुलिस और प्रशासन की नजर अब जांच प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई पर है।

कलेक्ट्रेट परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट और थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मामले को लेकर मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस का पक्ष रखा है।

एसएसपी अविनाश पांडेय ने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों द्वारा शहर का माहौल बिगाड़ने और अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पुलिस की पहली जिम्मेदारी जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना है। इसी जिम्मेदारी के तहत पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान हालात को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास किया गया। एसएसपी के अनुसार, पुलिस ने न्यूनतम बल प्रयोग किया और पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में पुलिस का उद्देश्य किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि शांति व्यवस्था बनाए रखना होता है।

वायरल वीडियो में अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट के मामले पर एसएसपी ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी पुलिसकर्मी या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा रही है।

गौरतलब है कि बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। वहीं, प्रदर्शन में शामिल लोगों, विपक्षी दलों, किसान संगठनों और कुछ अधिवक्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अनुचित बताया है।

वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होगा और जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

एसएसपी अविनाश पांडेय ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी वायरल वीडियो या अपुष्ट जानकारी के आधार पर भ्रमित न हों। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर चल रहा विरोध और पुलिस कार्रवाई का विवाद दोनों ही प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं। पुलिस और प्रशासन की नजर अब जांच प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई पर है।

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