उत्तर प्रदेश

अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट मलबे में दबे कई लोग

Ratna Netam
15 Oct 2026 8:02 PM IST
अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट मलबे में दबे कई लोग
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को एक भीषण धमाके से हड़कंप मच गया। सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर स्थित सारंग तालाब इलाके में एक रिहायशी मकान में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि दो मंजिला मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में कम से कम तीन लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में घायलों और मलबे में दबे लोगों की संख्या अलग बताई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि मकान के भीतर अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था।
धमाके से इलाके में मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, सारनाथ के पुराना पुल और पंचकोशी क्षेत्र के पास स्थित मकान में अचानक तेज धमाका हुआ। विस्फोट की आवाज सुनकर आसपास रहने वाले लोग घबरा गए। धमाके के बाद मकान का बड़ा हिस्सा मलबे में बदल गया।स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को दी। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।प्रारंभिक जानकारी में मकान के भीतर ज्वलनशील पदार्थ रखे होने की बात सामने आई है। हालांकि, विस्फोट के वास्तविक कारणों की आधिकारिक जांच अभी जारी है।
मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू
विस्फोट के बाद मकान के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। राहत एवं बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमों को लगाया गया।शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, बचाव दल ने दो लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया था। एक महिला के भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई।राहत दल घटनास्थल पर मलबा हटाने और संभावित रूप से फंसे अन्य लोगों की तलाश में जुटे रहे
अवैध पटाखा फैक्ट्री चलने की आशंका
इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में विस्फोटक और अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री कैसे रखी गई थी।शुरुआती जानकारी में आशंका जताई गई है कि मकान के भीतर अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री में विस्फोट की संभावना रहती है, इसलिए इस प्रकार की गतिविधियों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक होता है।पुलिस और संबंधित विभागों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मकान में पटाखा निर्माण की गतिविधि किस तरह संचालित हो रही थी और विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ।
आसपास के मकानों को भी नुकसान
धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस मकान में विस्फोट हुआ, वह पूरी तरह ढह गया। शुरुआती खबरों के अनुसार, पास में स्थित एक अन्य मकान को भी नुकसान पहुंचा है।घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत का माहौल रहा। प्रशासन ने बचाव कार्य को प्राथमिकता देते हुए घटनास्थल पर संबंधित विभागों की टीमों को तैनात किया।मलबे के भीतर लोगों के फंसे होने की आशंका के कारण राहत कार्य सावधानीपूर्वक चलाया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में हुए विस्फोट की घटना का संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को भी कहा।इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल पर बचाव कार्य और आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी की
हादसे के कारणों की जांच जारी
सारनाथ में हुए इस विस्फोट ने रिहायशी इलाकों में अवैध पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के भंडारण से जुड़े सुरक्षा सवालों को एक बार फिर सामने ला दिया है।पुलिस जांच में यह पता लगाया जाएगा कि मकान के भीतर किस प्रकार की सामग्री मौजूद थी, क्या पटाखा निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी और विस्फोट की वास्तविक वजह क्या रही।फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को उपचार उपलब्ध कराना है। हादसे में प्रभावित लोगों की अंतिम संख्या और नुकसान का पूरा आकलन बचाव अभियान तथा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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