उत्तर प्रदेश

कासगंज में आकाशीय बिजली का कहर, 3 की मौत

Rajeshwari Nishad
15 Oct 2026 7:24 PM IST
कासगंज में आकाशीय बिजली का कहर, 3 की मौत
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कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा सहावर थाना क्षेत्र के गांव नगला माधव में शाम करीब 4:30 बजे हुआ। मृतकों में एक युवक, उसकी भाभी और 11 वर्षीय भतीजी शामिल हैं। तीनों गांव से करीब 100 मीटर दूर सूख रही मक्का की फसल को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल डालने गए थे। इसी दौरान अचानक बारिश शुरू होने पर वे पास में स्थित पीपल के पेड़ के नीचे खड़े हो गए। तभी तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई और तीनों उसकी चपेट में आ गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है।
मक्का की फसल बचाने गए थे तीनों
जानकारी के अनुसार, सहावर थाना क्षेत्र के गांव नगला माधव में गुरुवार को मौसम अचानक बदल गया। आसमान में बादल छाने के बाद बारिश शुरू होने की आशंका को देखते हुए एक परिवार के तीन सदस्य खेत की ओर गए थे।गांव से लगभग 100 मीटर दूर मक्का की फसल सुखाने के लिए रखी गई थी। बारिश होने से फसल खराब न हो जाए, इसलिए तीनों उस पर तिरपाल डालने पहुंचे थे।इसी दौरान मौसम खराब हो गया और बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए तीनों पास में स्थित पीपल के पेड़ के नीचे खड़े हो गए।लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि जिस पेड़ के नीचे वे बारिश से बचने के लिए खड़े हैं, वहीं आकाशीय बिजली गिरने से उनकी जान चली जाएगी।
देवर, भाभी और 11 साल की बच्ची की मौत
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले तीनों लोग एक ही परिवार के सदस्य थे।मृतकों की पहचान 30 वर्षीय नीरज पुत्र अतर सिंह, 36 वर्षीय रामवती उर्फ रामू पत्नी सुभाष और रामवती की 11 वर्षीय बेटी कशिश के रूप में हुई है।
तीनों नगला माधव गांव के रहने वाले थे।परिवार के सदस्य मक्का की फसल को बारिश से बचाने के लिए गए थे, लेकिन अचानक आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई।एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पीपल के पेड़ के नीचे खड़े होते ही हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम करीब साढ़े चार बजे बारिश शुरू होने पर तीनों लोग पीपल के पेड़ के नीचे खड़े हो गए थे।इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी।बिजली की चपेट में आने से नीरज, रामवती और कशिश गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसा इतनी अचानक हुआ कि तीनों को संभलने का मौका नहीं मिल सका।घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।ग्रामीण घटनास्थल की ओर पहुंचे, लेकिन तब तक हादसा परिवार के लिए बड़ी त्रासदी बन चुका था।
परिवार में मची चीख-पुकार
एक साथ परिवार के तीन सदस्यों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।नीरज, रामवती और मासूम कशिश की मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।विशेष रूप से 11 वर्षीय कशिश की मौत से ग्रामीण बेहद दुखी हैं।तीनों के एक साथ चले जाने से परिवार में गहरा शोक है।गांव में इस घटना को लेकर लोग दुख व्यक्त कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने जताया दुख
कासगंज के जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने आकाशीय बिजली गिरने से हुई तीन मौतों पर दुख व्यक्त किया है।उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत अत्यंत दुखद घटना है।जिलाधिकारी ने बताया कि मृतकों के परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन की ओर से आपदा राहत से संबंधित औपचारिकताएं पूरी किए जाने के बाद सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।हालांकि, संबंधित परिवार को कितनी राशि और कब उपलब्ध कराई जाएगी, इसकी अंतिम पुष्टि प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगी।
बारिश से फसल बचाना पड़ा भारी
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह है कि तीनों लोग अपने परिवार की मक्का की फसल को नुकसान से बचाने गए थे।ग्रामीण क्षेत्रों में कटाई के बाद मक्का जैसी फसलों को सुखाने के लिए खुले स्थानों पर रखा जाता है।अचानक बारिश आने पर किसान और उनके परिवार के सदस्य फसल को सुरक्षित करने के लिए तिरपाल या अन्य सामग्री का इस्तेमाल करते हैं।नगला माधव में भी इसी उद्देश्य से परिवार के सदस्य खेत के पास पहुंचे थे।लेकिन मौसम बिगड़ने और आकाशीय बिजली गिरने से यह प्रयास दर्दनाक दुर्घटना में बदल गया।
बारिश के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होना खतरनाक
आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में पेड़ों के नीचे शरण लेना बेहद जोखिमपूर्ण होता है।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, खुले स्थानों में खड़े ऊंचे पेड़ों पर बिजली गिरने का खतरा रहता है।
पेड़ पर बिजली गिरने के दौरान उसका विद्युत प्रभाव आसपास की जमीन तक फैल सकता है, जिससे पास खड़े लोग भी गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं।इसलिए गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।नगला माधव की घटना भी ऐसे खतरों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को सामने लाती है।
खेतों में काम करने वालों के लिए विशेष सावधानी
ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अक्सर खुले खेतों में काम करते हैं। अचानक मौसम बिगड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है।ऐसी स्थिति में समय रहते मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देना आवश्यक है।यदि आसमान में बिजली चमक रही हो या बादलों की गर्जना सुनाई दे, तो खेतों में काम रोक देना चाहिए।
खुले मैदान, पेड़ के नीचे, बिजली के खंभों के पास और जलस्रोतों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए।सुरक्षित पक्के भवन या बंद छत वाली गाड़ी में शरण लेना बेहतर विकल्प है।विशेषज्ञों के अनुसार, आखिरी बार गर्जना सुनाई देने के बाद कम से कम 30 मिनट तक सुरक्षित स्थान पर रहना चाहिए।
बिजली गिरने पर तुरंत क्या करें?
आकाशीय बिजली से बचाव के लिए मौसम खराब होने पर सतर्क रहना जरूरी है।यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर मौजूद है और बिजली चमकने लगे, तो उसे तुरंत सुरक्षित भवन की ओर जाना चाहिए।मोबाइल फोन का सामान्य इस्तेमाल बिजली को आकर्षित नहीं करता, लेकिन खुले स्थानों में खड़े रहना खतरनाक हो सकता है।आकाशीय बिजली की चपेट में आए व्यक्ति को छूना सुरक्षित होता है, क्योंकि उसके शरीर में बिजली जमा नहीं रहती।ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित व्यक्ति सीपीआर देकर जान बचाने का प्रयास कर सकता है।
पहले भी सामने आ चुके हैं हादसे
कासगंज जिले में अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं।9 अक्टूबर को जिले में बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई थी, जबकि दूसरी घटना में पिता-पुत्र झुलस गए थे।इन घटनाओं के बाद 15 अक्टूबर को नगला माधव में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो जाना चिंताजनक है।मौसम में अचानक बदलाव और गरज-चमक के दौरान खुले क्षेत्रों में मौजूद लोगों के लिए अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में मातम
नगला माधव गांव में गुरुवार को हुआ हादसा पूरे क्षेत्र के लिए दुखद घटना बन गया है।मक्का की फसल को बारिश से बचाने निकले नीरज, रामवती और कशिश की मौत ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है।ग्रामीणों के सामने यह घटना आकाशीय बिजली के खतरे की गंभीर याद दिलाती है।प्रशासन ने प्रभावित परिवार को नियमानुसार सहायता दिलाने की बात कही है।
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