उत्तराखंड

अंकिता भंडारी के पिता की बड़ी चेतावनी

Ratna Netam
15 Oct 2026 7:19 PM IST
अंकिता भंडारी के पिता की बड़ी चेतावनी
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नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। सितंबर 2022 में हत्या की शिकार हुई 19 वर्षीय अंकिता भंडारी के माता-पिता ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति रद्द करने की मांग की। परिवार का कहना है कि मामले से जुड़े कथित वीआईपी की भूमिका की पूरी जांच होने तक यह नियुक्ति रोकी जानी चाहिए।दिल्ली के इंडिया गेट के पास रातभर धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता को गुरुवार तड़के पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि, कुछ घंटों बाद दोनों को रिहा कर दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद परिवार ने न्याय की मांग को और मजबूती से उठाने की बात कही है।
इंडिया गेट पर रातभर चला धरना, सुबह पुलिस ने लिया हिरासत में
अंकिता भंडारी के माता-पिता बुधवार को दिल्ली के इंडिया गेट के पास धरने पर बैठे थे। उनके साथ कांग्रेस के कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद थेपरिवार का कहना था कि अंकिता हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विशेष रूप से इस मामले में सामने आए कथित वीआईपी की भूमिका की जांच पूरी किए जाने की मांग की गई।गुरुवार सुबह करीब चार बजे दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अंकिता के माता-पिता और कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।इसके बाद उन्हें तिलक मार्ग थाने ले जाया गया। जानकारी के अनुसार, सुबह लगभग पांच बजे अंकिता के माता-पिता को रिहा कर दिया गया।
पिता ने सरकार को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
पुलिस हिरासत के दौरान अंकिता के पिता ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति को 24 घंटे के भीतर रद्द किया जाए।उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांग स्वीकार नहीं करती है, तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।परिवार का आरोप है कि अंकिता हत्याकांड में कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं। उनका कहना है कि कथित प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।अंकिता के माता-पिता ने कहा कि वे अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर परिवार ने जताई चिंता
भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति को लेकर अंकिता के परिवार ने गंभीर आपत्ति जताई है।परिवार और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गौतम की कथित भूमिका को लेकर आरोप लगाए हैं। हालांकि, ये आरोप न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं और इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।परिवार की मांग है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक राज्यपाल नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।उनका कहना है कि जांच के दौरान उठाए गए सभी सवालों का जवाब सामने आना चाहिए, ताकि मामले में न्याय को लेकर बनी आशंकाएं दूर हो सकें।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी पहुंचे थे धरनास्थल
बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इंडिया गेट पहुंचकर अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की थी।दोनों नेताओं ने परिवार की न्याय की मांग का समर्थन किया। कांग्रेस ने भी दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच पूरी होने तक नियुक्ति रोकने की मांग की है।पुलिस द्वारा अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई।
2022 में हुई थी अंकिता भंडारी की हत्या
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले की रहने वाली अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं।18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी। चार दिन बाद उनका शव एक नहर से बरामद हुआ था।इस मामले में रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।इसके बावजूद अंकिता का परिवार कथित वीआईपी की भूमिका और मामले से जुड़े अन्य आरोपों की जांच की मांग कर रहा है।
न्याय नहीं मिला तो आंदोलन की चेतावनी
अंकिता की मां ने भी अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी हैपरिवार ने स्पष्ट किया है कि वह जांच पूरी होने और अपनी मांगों पर कार्रवाई होने तक आवाज उठाता रहेगा।फिलहाल दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति को लेकर परिवार की मांग और केंद्र सरकार को दिए गए 24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद इस मामले पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।
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