- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- माफिया नेटवर्क पर...
उत्तर प्रदेश
माफिया नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा संपत्तियों की बिक्री की जांच
Ratna Netam
13 Aug 2026 6:11 PM IST

x
प्रयागराज : माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के तीन साल से अधिक समय बाद भी उनसे जुड़ी कथित बेनामी संपत्तियों का मामला शांत नहीं हुआ है। आरोप है कि माफिया के कुछ पुराने सहयोगी और गुर्गे अब भी सक्रिय हैं। वे कथित रूप से अतीक और अशरफ की बेनामी संपत्तियों की खरीद-बिक्री कर उससे मिलने वाली रकम उनके परिवार तक पहुंचा रहे हैं। इन आरोपों की जांच के लिए राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई है।
एसडीएम सदर की ओर से जारी पत्र में प्रयागराज के चक निरातुल निवासी राजीव नागर से जुड़े संपत्ति मामलों का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि राजीव नागर के नाम मौजा शाह उर्फ पीपलगांव और दामूपुर में कई बेनामी संपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। बताया जा रहा है कि इनमें कुछ जमीनें अनुसूचित जाति के लोगों की थीं।
प्रशासन को मिली जानकारी के अनुसार इन जमीनों की अब भी खरीद-बिक्री की जा रही है। आरोप है कि जमीनों के सौदे से मिलने वाली धनराशि अतीक के पुराने सहयोगियों और रिश्तेदारों के माध्यम से उसके परिवार तक पहुंचाई जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पांच सदस्यीय टीम करेगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार दक्षिणी पीयूष कुशवाहा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच टीम बनाई गई है। टीम में एयरपोर्ट थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश उपाध्याय, राजस्व निरीक्षक अमर सिंह, शाह उर्फ पीपलगांव के लेखपाल मनीष कुमार और दामूपुर के लेखपाल प्रतीक पांडेय को शामिल किया गया है।
संयुक्त टीम संबंधित जमीनों की स्थलीय और अभिलेखीय जांच करेगी। इसके अंतर्गत राजीव नागर के नाम दर्ज संपत्तियों के दस्तावेज, वास्तविक स्वामित्व, पुराने बैनामे, खरीद-बिक्री का ब्योरा और जमीन की वर्तमान स्थिति की जांच की जाएगी। टीम राजस्व अभिलेखों के साथ मौके पर जाकर जमीनों का सत्यापन भी करेगी।
जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित जमीनें वास्तव में अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की थीं या नहीं। यदि जमीनें अनुसूचित जाति के लोगों की थीं तो उनके हस्तांतरण के लिए प्रशासनिक अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी भी जांच होगी। जमीन के लेनदेन में राजस्व नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
डीसीपी नगर मनीष शांडिल्य ने बताया कि संयुक्त टीम को सात दिन के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जमीनों की खरीद-बिक्री में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच सकती है।
आबान की कार दुर्घटना का कथित वीडियो वायरल
इस बीच झांसी में छह अगस्त को हुई अतीक अहमद के बेटे आबान अहमद की कार दुर्घटना का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। हादसे में आबान और कार चला रहे उसके दोस्त सोनू खान की मौत हो गई थी, जबकि वाहन में सवार तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुए थे।
वायरल वीडियो में एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद पलटती नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि कार की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास थी। वीडियो संभवतः कार के पीछे चल रहे किसी वाहन से रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि पुलिस या किसी अन्य आधिकारिक एजेंसी ने अभी इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है।
झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच मोठ क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई है। जांच में वीडियो के स्रोत, समय और स्थान का सत्यापन किया जाएगा। यह भी पता लगाया जाएगा कि वीडियो वास्तव में आबान अहमद की कार दुर्घटना का है या किसी दूसरी घटना का। पुलिस ने जांच पूरी होने से पहले वायरल दावों पर विश्वास नहीं करने की अपील की है।
TagsPolicecrackdownpropertiessaleinvestigationपुलिसशिकंजासंपत्तियोंबिक्रीजांचजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





