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पीलीभीत में जल्द दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें, परिवहन निगम ने शासन को भेजा प्रस्ताव

पीलीभीत। शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करने और यात्रियों को बेहतर एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिवहन निगम ने बड़ा कदम उठाया है। पीलीभीत डिपो में पहली बार इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए परिवहन निगम ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।
शासन से मंजूरी मिलते ही जिले में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। इससे यात्रियों को जहां आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
वर्तमान में पीलीभीत डिपो से कुल 103 बसों का संचालन किया जा रहा है। ये बसें जिले के स्थानीय मार्गों के साथ-साथ कई लंबी दूरी के रूटों पर भी यात्रियों को सेवाएं दे रही हैं।
पीलीभीत डिपो की बसें मुरादाबाद, रामपुर, दिल्ली, शाहजहांपुर, लखनऊ, कानपुर, फर्रुखाबाद, मथुरा, आगरा, बदायूं और कासगंज समेत कई प्रमुख शहरों के लिए संचालित होती हैं। इसके अलावा आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी बस सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
हालांकि, अभी तक पीलीभीत डिपो के बेड़े में एक भी इलेक्ट्रिक बस शामिल नहीं है। ऐसे में परिवहन निगम अब नई तकनीक वाली बसों को शामिल करने की योजना पर काम कर रहा है।
एआरएम प्रांशु पाठक ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। प्रस्ताव में बसों के रूट प्लान, चार्जिंग स्टेशन की संभावित जगह और बसों के रखरखाव से जुड़ी पूरी योजना तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्था चार्जिंग स्टेशन की होगी। इसके लिए उपयुक्त स्थान का चयन किया जा रहा है, ताकि बसों के संचालन में किसी तरह की परेशानी न आए।
परिवहन निगम का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसें शुरू होने से डीजल से चलने वाली बसों पर निर्भरता कम होगी। इससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी और यात्रियों को भी शांत और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
इलेक्ट्रिक बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस होती हैं। इनमें कम शोर, बेहतर आराम और पर्यावरण के अनुकूल संचालन जैसी सुविधाएं होती हैं। यही कारण है कि देशभर में कई शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन तेजी से बढ़ रहा है।
पीलीभीत में भी इन बसों के शुरू होने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। खासकर रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा।
परिवहन विभाग का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर में बढ़ते प्रदूषण की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। वर्तमान समय में बढ़ते वाहनों के कारण शहरों में वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना जरूरी हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पीलीभीत जैसे शहर में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत एक सकारात्मक पहल होगी। इससे लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और पर्यावरण को भी फायदा होगा।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद बसों की संख्या और रूट को अंतिम रूप दिया जाएगा। परिवहन निगम यात्रियों की जरूरत और यातायात दबाव को देखते हुए रूट निर्धारित करेगा।
अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रिक बसों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार करने पर भी काम किया जाएगा। इसमें चार्जिंग स्टेशन, पार्किंग और रखरखाव केंद्र जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
पीलीभीत डिपो में इलेक्ट्रिक बसों के आने से जिले की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब सभी की नजर शासन की मंजूरी पर टिकी हुई है।
अगर प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति मिलती है तो आने वाले समय में पीलीभीत की सड़कों पर पहली बार इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी।





