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Fake receipts से चंदा लेने का खुलासा, पुलिस जांच तेज

अयोध्या: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा है। आरोपियों की निशानदेही पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम की कथित फर्जी चंदा रसीद बुक बरामद की गई है। पुलिस का दावा है कि इन रसीदों का इस्तेमाल श्रद्धालुओं से चंदे के नाम पर पैसे वसूलने के लिए किया जाता था।
मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। रिमांड के दौरान पुलिस चोरी से जुड़े सामान की बरामदगी के साथ-साथ आर्थिक लेन-देन और कथित अवैध वसूली से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
फर्जी रसीदों से चंदा वसूली का आरोप
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर मिली रसीद बुक की सत्यता की जांच की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि कथित तौर पर इन रसीदों का इस्तेमाल श्रद्धालुओं को भरोसे में लेने के लिए किया जाता था।
आरोप है कि आरोपी मंदिर के नाम पर चंदा देने वाले लोगों को रसीद जारी करते थे और उनसे धनराशि लेते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन रसीदों का इस्तेमाल कितनी बार किया गया और इससे कितनी रकम जुटाई गई।
तीन आरोपियों से हो रही पूछताछ
पुलिस ने मामले में आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा और करुणेश पांडे को जेल से पुलिस रिमांड पर लिया है। बुधवार को पुलिस टीम आरोपियों को उनके संभावित ठिकानों पर लेकर गई और बरामदगी की कार्रवाई की।
पूछताछ के दौरान पुलिस चोरी से संबंधित सामान, नकदी और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
संपत्तियों और निवेश की जांच
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कथित रूप से चढ़ावे की रकम या अवैध रूप से जुटाई गई धनराशि का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया।
पुलिस की नजर विशेष रूप से अनुकल्प मिश्रा की हाल में खरीदी गई संपत्तियों, नए मकान और वाहनों पर है। जांच में जरूरत पड़ने पर संबंधित स्थानों पर तलाशी की कार्रवाई भी की जा सकती है।
पहले भी हुई पूछताछ
इस मामले में पुलिस इससे पहले जेल में बंद अन्य आरोपियों से भी पूछताछ कर चुकी है। पूछताछ के दौरान मिली जानकारियों और साक्ष्यों के आधार पर अब आगे की जांच को गति दी जा रही है।
पुलिस का मानना है कि मामले में केवल चोरी तक सीमित नहीं बल्कि कथित रूप से चंदा वसूली और आर्थिक अनियमितताओं के अन्य पहलुओं की भी जांच जरूरी है।
नेटवर्क का पता लगाने में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित चढ़ावा चोरी और फर्जी रसीदों के जरिए धन वसूली का दायरा कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





