उत्तर प्रदेश

Police Force को सीखनी ही होगी तनाव प्रबंधन की कला

Gulabi Jagat
25 Aug 2025 9:23 PM IST
Police Force को सीखनी ही होगी तनाव प्रबंधन की कला
x
Moradabad: तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के सेंटर फॉर टीचिंग, लर्निंग एंड डवलपमेंट- सीटीएलडी के निदेशक प्रो. पंकज कुमार सिंह ने कहा, पुलिस बल केवल कानून-व्यवस्था का रक्षक ही नहीं है, बल्कि वह समाज के लिए विश्वास, संवेदनशीलता और नैतिक आचरण का प्रतीक भी है। किसी भी पुलिस सेवक को तनाव से बचना संभव नहीं है, लेकिन सही सोच और सकारात्मक आदतों से इसे नियंत्रित अवश्य किया जा सकता है। तनाव को चुनौती न समझें, बल्कि उसे प्रबंधित करने की कला सीखें। एक सशक्त, संतुलित और सकारात्मक पुलिसकर्मी ही समाज की सच्ची सेवा कर सकता है। उन्होंने भावनात्मक नियंत्रण, श्वसन एवं विश्राम तकनीकें, सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन, सहकर्मियों के साथ संवाद, शारीरिक सक्रियता, आत्म-नियंत्रण और तनाव प्रबंधन, निरंतर अधिगम सरीखें बिंदुओं के बारे में यातायात पुलिसकर्मियों और प्रशिक्षु आरक्षियों को गहनता से समझाया। प्रो. पंकज आरटीसी रिज़र्व पुलिस लाइन, मुरादाबाद में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत भावनात्मक एवम् मानसिक तनाव से बचाव पर आयोजित अतिथि व्याख्यान में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस अवसर पर वरिष्ठ यातायात पुलिस अधिकारियों ने प्रो. सिंह को पुष्पगुच्छ एवम् स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उच्च अधिकारियों, पुलिसकर्मियों के संग-संग एक हजार से अधिक प्रशिक्षु आरक्षियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षु आरक्षियों ने मुख्य अतिथि से सवाल भी किए। प्रो. पंकज बोले, हमें कठिन परिस्थितियों में भावनाओं को काबू में रखकर तार्किक निर्णय लेना चाहिए। गहरी सांस लेना, ध्यान और छोटे-छोटे विराम लेकर मानसिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए। साथ ही हमें नकारात्मक परिस्थितियों को अवसर में बदलने की आदत विकसित करनी होगी। मानसिक दबाव को कम करने के लिए कार्य को प्राथमिकता के अनुसार बाँटना बांटें। तनाव होने पर सहकर्मियों के साथ संवाद करें। टीमवर्क और सहकर्मियों से अनुभव साझा करने से तनाव काफी हद तक कम हो जाता है। नियमित व्यायाम, योग और संतुलित आहार मानसिक स्फूर्ति और आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। कानून-व्यवस्था की चुनौतियों में धैर्य और संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। बदलते सामाजिक-तकनीकी परिदृश्य में पुलिसकर्मियों को आजीवन शिक्षार्थी बनना होगा। उल्लेखनीय है, यह कार्यक्रम पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के तत्वावधान में हुआ। यह व्याख्यान पुलिस भर्ती अभियान के अंतर्गत प्रशिक्षु आरक्षियों- ट्रेनिंग रिक्रूट्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Next Story